विस में विपक्ष का हंगामा, मुख्यमंत्री के मनुवादी बयान पर बीजेपी का प्रहार…

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रांची: मंगलवार को शीतकालीन विधानसभा सत्र के पहले विपक्ष ने विभिन्न मांगों को लेकर जमकर हंगामा किया. भाजपा के विधायकों ने हांथ में तख्ती लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. वहीं भाजपा विधायकों को मनुवादी कहने पर वे मुख्यमंत्री से नाराज नजर आए. विधानसभा परिसर में भाजपा विधायकों ने जेपीएससी पीटी परीक्षा रद्द करने, जपीएससी के अध्यक्ष अमिताभ चौधरी को बर्खास्त करने, पांच लाख युवकों को नौकरी देने सहित अंगिका भाषा को जेपीएससी में शामिल करने को लेकर विरोध जताया है. इस विरोध प्रदर्शन के दौरान देवघर विधायक नारायण दास, हजारीबाग विधायक मनीष जायसवाल, कोडरमा विधायक नीरा यादव, बोकारो विधायक बिरंची नारायण, चंदनकियारी विधायक अमर बाउरी, सारठ विधायक रणधीर सिंह सहित कई विधायकों ने हांथ में तख्ती लेकर विरोध जताया है.

भाजपा विधायकों को मनुवादी कहने पर विधायक ने मनुस्मृति की पुस्तक के साथ विरोध जताया. उन्होंने कहा कि भाजपा के विधायकों को मुख्यमंत्री ने मनुवादी कहा है, जिसे लेकर वे मनुस्मृति की पुस्तक मुख्यमंत्री को भेंट करेंगे. ताकि वे मनुस्मृति का अध्ययन करें और उससे सीख लें. वहीं निरसा विधायक अपर्णा सेन गुप्ता ने मुख्यमंत्री के इस बयान की निंदा की है. उन्होंने जेपीएससी के मामले में कहा कि सरकार को जेपीएससी के मुद्दे पर गंभीरतापूर्वक विचार करने की जरूरत है. लेकिन सरकार अपनी नाकामी को छुपाने के लिए पूर्व के सरकार के कृत्यों को गिनाने का काम कर रही है. वर्तमान समय में सरकार में हेमंत सोरेन स्वयं हैं. उन्हें काम करना चाहिए. लेकिन वे लोगों को बाहरी-भीतरी करके लड़ाना चाहते हैं.

चंदनकियारी विधायक अमर बाउरी ने कहा कि मनुवाद को विस्तार से पढेंगे तो सनातनी संस्कृति के बारे में जानकारी मिलेगी. उन्होंने हेमंत सोरेन के बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जिनकी सोच ही संकीर्ण हो, उनसे कोई अपेक्षा नहीं की जा सकती. जब राज्य का मुखिया संविधान की शपथ लेकर इस तरह की बातें करेगा, तो फिर उस राज्य का क्या होगा? ये तो जनता ही देखेगी. हेमंत सोरेन को असफलता स्पष्ट नजर आ रही है, जिस कारण से वे ऐसी बातें कर लोगों को बरगलाना चाहते हैं.

सारठ विधानसभा के विधायक रणधीर सिंह ने सीएम के मनुवादी वाले बयान की निंदा की है. सीएम ने आंदोलकारियों को भाजपा द्वारा सहायता देने की बात कही गयी है. जिसपर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि जब राज्य में भाजपा की सरकार थी और उस समय अगर आंदोलनकारियों की सहायता झामुमो कर रही थी. तो भाजपा ने भी आंदोलनकारियों को राशन पहुंचाने का काम किया होगा.

रिपोर्ट- मदन

आंदोलनकारियों के सब्र का इम्तिहान नहीं ले सरकार-झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा

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