पटना: पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव सोमवार की शाम गर्दनीबाग धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बीपीएससी परीक्षा रद्द करने की मांग के साथ धरना पर बैठे अभ्यर्थियों से मुलाकात की और उनके साथ रहने का वादा किया। इस दौरान पप्पू यादव ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि अभ्यर्थियों ने बातचीत के दौरान कहा कि जिन परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षा हुई थी उसका सीसीटीवी फूटेज जारी किया जाए। जिस परीक्षा केंद्र का परीक्षा कैंसिल किया गया है वहां कुछ छात्रों को ही प्रश्न पत्र दिया गया था।
खगड़िया में अधिकारियों के बेटे को मुर्गा चावल खिला कर परीक्षा ली गई तो गया में लाउडस्पीकर से प्रश्नों का उत्तर अभ्यर्थियों को बताया गया था। यह वही प्रश्न है जो किसी कोचिंग के द्वारा सलाह दी गई वहीं प्रश्न परीक्षा में लाए गए। पप्पू यादव ने कहा कि परीक्षा बीपीएससी लेता है लेकिन बीपीएससी को व्यवस्थाएं तो सरकार देती है। बीपीएससी में बैठे अधिकारियों की सरकार जांच क्यों नहीं करवाती है। बीपीएससी का चेयरमैन वैसे लोगों को बनाया जाता जिसकी निगरानी होती। नालंदा एक ऐसा जिला है जहां से 1990 से पहले से लेकर आज तक सभी परीक्षाओं का प्रश्न लीक होता रहा है।
बीपीएससी ने कहा कि नॉर्मलाईजेशन पर कहा कि ये हमारे दिमाग में नहीं है लेकिन परीक्षा दो तरह से लिए जायेंगे। अब अगर सरल प्रश्न से परीक्षा ले ली जाती है तो भी चार लाख बच्चे प्रभावित होंगे। जिन अभ्यर्थियों के लिए यह अंतिम मौका था वह क्या करेंगे इसलिए पुनर्परीक्षा ही अंतिम उपाय है। बिहार में कोचिंग, माफिया, सरकार के कुछ लोग और सरकार का कुछ सिस्टम, बीपीएससी सबकी मिलीभगत से पेपर लीक होता है और देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करती है। सीसीटीवी फूटेज सामने लाया जाना चाहिए।
अगर 12 हजार अभ्यर्थियों की परीक्षा रद्द की गई तो सभी बच्चों की परीक्षा रद्द होनी चाहिए। सभी की परीक्षा नए प्रश्न के साथ होनी चाहिए और अगर ऐसा नहीं होता है तो हमारे जैसे लोगों के सामने मरने के अलावा और कोई चारा नहीं है। सरकार अगर जल्द निर्णय नहीं लेती है तो हम बीपीएससी के सामने भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
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पटना से चंदन तिवारी की रिपोर्ट
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