रांची : पारा शिक्षकों को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद देर रात एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने जश्न मनाया. मोर्चा के जिला कमेटी रांची ने कैबिनेट के फैसले पर पटाखे फोड़ कर खुशी का इजहार किया. जिला अध्यक्ष मोहम्मद शकील के नेतृत्व में काफी संख्या में पारा शिक्षकों ने नारे लगाये और सरकार को धन्यवाद दिया. इस दौरान पारा शिक्षकों ने देर रात सड़क पर जमकर आतिशबाजी की.

इस अवसर पर जिला महामंत्री महावीर पहान, जिला संरक्षक, मसूद आलम, जिला सचिव जावेद रियाज, जिला कोषाध्यक्ष राजन उरांव, जिला संगठन सचिव सुरेंद्रनाथ महतो, आजम, नूर आलम, जुबेर अली, सुरेश उरांव, विजय उरांव सहित सैकड़ों पारा शिक्षक उपस्थित रहे.

बता दें कि झारखंड के पारा शिक्षकों की जो मांगे थी उसे सरकार ने मान ली है. पारा शिक्षक अब सहायक अध्यापक कहलाएंगे. बुधवार को इस बाबत नियमावली को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है. इस पर अपनी खुशी का इजहार करते हुए एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के नेता संजय दुबे ने कहा कि, आज राज्यभर के 65 हज़ार शिक्षकों का वनवास समाप्त हुआ है. उन्होंने कहा कि, इसके लिए मोर्चा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ ही शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो को धन्यवाद देता है.
गौरतलब है कि, पारा शिक्षकों ने सेवा स्थायीकरण, वेतनमान और नियमावली को लेकर लंबे समय तक आंदोलन किया. पूर्व की रघुवर सरकार में भी स्थायीकरण और वेतनमान को लेकर कमेटियों का गठन किया गया, लेकिन अंतिम निर्णय नहीं हो पाया.
झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान महागठबंधन ने पारा शिक्षकों से उनकी मांगें मानने का भरोसा दिलाया था. लिहाजा, महागठबंधन की सरकार बनने के बाद पारा शिक्षक लगातार बना दबाव बनाते रहे और आखिरकार शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के साथ कई दौर की वार्ता के बाद अंतिम निर्णय लिया जा सका. हालांकि, इसमें भी वेतनमान पर सहमति नहीं बनी, लेकिन अन्य सुविधाओं को लेकर पारा शिक्षकों ने हामी भरी.
रिपोर्ट : शाहनवाज
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