पारस HMRI बना बिहार का पहला पल्मोनरी क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल

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सीएम नीतीश कुमार ने किया उद्घाटन

16 बेड का ICU फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों के लिए 24 घंटे समर्पित आईसीयू की टीम

बिहार सरकार के सभी कर्मचारियों के लिए CGHS NABH कैश दर पर इलाज की सुविधा

पटना : पारस HMRI हॉस्पिटल पटना में फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों के लिए बिहार का पल्मोनरी क्रिटिकल केयर यूनिट खुल गया है. जिसमें फेफड़े के रोगों के लिए अलग आईसीयू की व्यवस्था की गयी है. इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया. पारस हेल्थकेयर ईस्ट के रीजनल डाइरेक्टर डॉ सुहास आराध्ये ने घोषणा की आज से बिहार सरकार के सभी कर्मचारियों को काफी किफ़ायती CGHS NABH कैश दर पर सम्पूर्ण इलाज की सुविधा दी जायेगी.

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पारस: 16 बेड के ICU में सिर्फ फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों का होगा इलाज

16 बेड के इस आईसीयू में सिर्फ फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों का इलाज होगा. इसमें प्रमुख रूप से सीओपीडी, आईएलडी, निमोनिया, एआरडीएस, अस्थमा, चेस्ट ट्रामा, हेमोथोरक्स आदि से जुड़ी बीमारियों का इलाज हो रहा है बेहतर इलाज के लिए सभी जरूरी उपकरण भी उपलब्ध जिनमें ऑक्सीजन थेरेपी, वेंटिलेटर, एनआईवी, सीपीएपी & बीआईपीएपी, एचएफएनसी (हाई पुल्मो नेज़ल कैनाल), ईसीएमओ. इसके अलावा 2 बेड इंफेक्शन से जुड़ी बीमारियों जैसे, टीबी या एमआरएस इंफेक्शन आदि के लिए सुरक्षित रखा गया है.

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सामान्य दर पर मरीजों का होगा इलाज

पारस एचएमआरआई हॉस्पिटल के पल्मोनरी मेडिसीन विभाग के हेड कम सीनियर कंसल्टेंट डॉ. प्रकाश सिन्हा की देखरेख में मरीजों का इलाज हो रहा है. इस यूनिट में बहुत सामान्य दर पर मरीजों का इलाज किया जायेगा. इस अवसर पर पारस एचएमआरआई हॉस्पिटल, पटना के डायरेक्टर -जनरल सर्जरी डॉ एए हई ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का शुक्रिया अदा दिया. कहा, हमलोग की कोशिश है कि किसी तरह के मरीज को बिहार से बाहर इलाज के लिए नहीं जाना पड़े.

फेफड़ों से जुड़ी बीमारी के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं

डॉ. प्रकाश सिन्हा, सिनियर कंसल्टेंट, पल्मोनरी मेडिसीन, ने बताया, “इस यूनिट के खोलने का मकसद है कि ज्यादा से ज्यादा और हर वर्ग के मरीज इसमें इलाज करा सकें. फेफड़ों से जुड़ी बीमारियां काफी संवेदनशील होती हैं. इसके लिए मरीजों को बिल्कुल अलग से देखा जाता है ताकि उन्हें किसी तरह के इन्फेक्शन का सामना न करना पड़े.

इसी सोच के साथ हमने छाती से जुड़े रोगों के लिए अलग और बड़े पैमाने पर आईसीयू की व्यवस्था की है. फेफड़े से जुड़ी बीमारियों के लिए अलग से आईसीयू की सुविधा देने वाला वाला पारस एचएमआरआई हॉस्पिटल बिहार का पहला हॉस्पिटल है. इससे बिहार के लोगों को फेफड़ों से जुड़ी किसी भी तरह की बीमारी के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. उनका समय और संसाधन दोनों बचेगा”.

पारस: इस नंबर पर ले सकते हैं जानकारी

कार्यक्रम में हॉस्पिटल के मेडिकल डायरेक्टर -डॉ तलत हलीम , डायरेक्टर- यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी एवं ट्रांसप्लांट -डॉ अजय कुमार, डायरेक्टर एवं विभागाध्यक्ष – ऑर्थोपेडिक्स -डॉ जॉन मुखोपाध्याय, डायरेक्टर – कार्डियोलॉजी – डॉ निशांत त्रिपाठी, चीफ कंसलटेंट – रेडिएशन ऑन्कोलॉजी -डॉ शेखर केसरी सहित अस्पताल के प्रमुख चिकत्सक और अधिकारी मौजूद थे. अधिक जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 7360008351 पर कॉल करके मरीज़ ओपीडी अपॉइंटमेंट और डॉक्टरों के बारे में जानकारी ले सकते हैं.

बिहार और झारखंड का पहला कॉर्पोरेट अस्पताल है पारस

पारस एचएमआरआई अस्पताल, पटना बिहार और झारखंड का पहला कॉर्पोरेट अस्पताल है. 350 बिस्तरों वाले पारस एचएमआरआई अस्पताल में एक ही स्थान पर सभी चिकित्सा सुविधाएं हैं. हमारे पास एक आपातकालीन सुविधा, तृतीयक और चतुर्धातुक देखभाल, उच्च योग्य और अनुभवी डॉक्टरों के साथ अत्याधुनिक चिकित्सा केंद्र है. पारस इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर केयर बिहार में अपनी विशेषज्ञता, बुनियादी ढांचे और व्यापक कैंसर देखभाल प्रदान करने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के लिए प्रसिद्ध है.

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