पटना : पटना में राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा (NEET) की तैयारी कर रही छात्रा की रेप मौत से जुड़े मामले में शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन को फिलहाल राहत नहीं मिली है। मामले की सुनवाई कर रही सीबीआई की विशेष अदालत ने उनकी जमानत याचिका पर निर्णय सुरक्षित रखते हुए जमानत देने से इंकार कर दिया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 11 मार्च को होगी।
कोर्ट ने जांच की प्रगति को लेकर CBI से कड़े सवाल किए थे और जांच एजेंसी को फटकार भी लगाई थी
सोमवार को अदालत में मनीष रंजन की जमानत याचिका पर सुनवाई की प्रक्रिया शुरू हुई। इससे पहले शनिवार को भी इस याचिका पर करीब दो घंटे तक बहस चली थी। उस दौरान कोर्ट ने जांच की प्रगति को लेकर सीबीआई से कड़े सवाल किए थे और जांच एजेंसी को फटकार भी लगाई थी। अदालत ने सीबीआई से पूछा था कि अबतक इस मामले में पॉक्सो एक्ट क्यों नहीं लगाया गया। कोर्ट ने यह भी जानना चाहा कि 17 जनवरी तक मामले की जांच चित्रगुप्त नगर थाने की तत्कालीन थानेदार रौशनी द्वारा की जा रही थी, बाद में एसआईटी को जांच सौंपी गई। इसके बावजूद 12 फरवरी को सीबीआई ने इस केस में आईपीसी की धारा 307 के तहत मामला दर्ज किया।
कोर्ट ने CBI से स्पष्ट सवाल किया कि जांच एजेंसी को मनीष रंजन से जुड़ी अब तक क्या ठोस जानकारी मिली है
कोर्ट ने सीबीआई से स्पष्ट सवाल किया कि जांच एजेंसी को मनीष रंजन से जुड़ी अब तक क्या ठोस जानकारी मिली है और क्या उनकी हिरासत की अभी भी आवश्यकता है। साथ ही यह भी कहा गया कि जब सीबीआई ने अपने केस में पॉक्सो एक्ट नहीं जोड़ा है, तो जांच की दिशा और गंभीरता पर सवाल उठते हैं। फिलहाल अदालत ने सभी तथ्यों और दलीलों को सुनने के बाद जमानत पर फैसला सुरक्षित रखते हुए मनीष रंजन को कोई राहत नहीं दी है। मामले पर अब सभी की नजरें 11 मार्च को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं।
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