पटना: पांच दिनों से राजधानी पटना के गांधी मैदान में स्थित गांधी मूर्ति के समीप आमरण अनशन पर बैठे प्रशांत किशोर को सोमवार की अहले सुबह पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और उन्हें कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने प्रशांत किशोर को 25 हजार रुपए के Bond पर जमानत दी जिसके बाद प्रशांत किशोर ने सशर्त जमानत लेने से इनकार कर दिया था और उन्हें बेऊर जेल भेज दिया गया था।
मामले में रिहा होने के बाद प्रशांत किशोर ने बिना शर्त जमानत देने और गांधी मूर्ति के समीप धरना प्रदर्शन को कोर्ट की तरफ से वैध बताए जाने की बात कही थी। साथ ही प्रशांत किशोर ने स्वास्थ्य जांच के दौरान भी पुलिसकर्मियों पर अवैध ढंग से जांच रिपोर्ट लिए जाने की कोशिश का आरोप लगाया था। मामले में अब जिला प्रशासन ने अपनी तरफ से स्पष्ट किया है कि गांधी मैदान में स्थित गांधी मूर्ति प्रतिबंधित क्षेत्र है और वहां धरना शुरू करने के बाद प्रशांत किशोर को नोटिस दी गई थी और उन्हें अपना विरोध प्रदर्शन गर्दनीबाग में स्थानांतरित करने के लिए कहा गया था लेकिन वे नहीं माने।
गैर कानूनी रूप से गांधी मूर्ति के समीप धरना देने की वजह से उन्हें गिरफ्तार किया गया और स्वास्थ्य जांच के लिए एम्स ले जाया गया। एम्स में प्रशांत किशोर ने सहयोग नहीं किया साथ ही उनके समर्थक लगातार पुलिस के काम में खलल डाल रहे थे। तब उन्हें दूसरे अस्पताल ले जाया जाने लगा तो 13 गाड़ियों में प्रशांत किशोर के 23 समर्थक पीछा करने लगे जिन्हें पिपलावा थाना क्षेत्र में रोका गया और स्वास्थ्य जांच के लिए फतुहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
प्रशांत किशोर वहां भी स्वास्थ्य जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे जिसके बाद उनकी असहमति को रिकॉर्ड किया गया और डॉक्टर ने अपना जांच प्रतिवेदन दिया। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि प्रशांत किशोर फर्जी फिटनेस सर्टिफिकेट देने या गलत जांच प्रतिवेदन के लिए दबाव बनाने का आरोप लगा रहे लेकिन कोर्ट में पेशी के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होती है सिर्फ स्वास्थ्य जांच रिपोर्ट की जरूरत होती है चाहे आरोपी स्वस्थ हो या अस्वस्थ। डॉक्टर ने भी पुलिस द्वारा किसी प्रकार का दबाव बनाने के आरोप का खंडन किया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कोर्ट ने जब उन्हें 25 हजार रुपए के बॉन्ड पर सशर्त जमानत दी तो उन्होंने लेने से इनकार कर दिया। समझाने के बावजूद वे समझने के लिए तैयार नहीं थे वहीं दूसरी ओर उनके समर्थक कोर्ट परिसर में जमा होकर हंगामा करने लगे थे जिससे दूसरे लोगों को परेशानी होने लगी थी साथ ही कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था भी खतरे में आ गई थी। इस वजह से प्रशांत किशोर को पुलिस कोर्ट परिसर से हटा कर बेऊर जेल ले कर गई जहां कोर्ट के आदेश की प्रतिक्षा की गई। शाम में कोर्ट का आदेश प्राप्त होने के बाद आरोपी ने 25 हजार रुपए का बॉन्ड भरा जिसके बाद उन्हें जमानत पर रिहा किया गया।
इसके साथ जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कोर्ट ने ऐसा कुछ नहीं कहा है कि गांधी मूर्ति के समीप धरना देना गैर कानूनी नहीं है। गांधी मूर्ति धरनास्थल नहीं है इसलिए वहां धरना देना हमेशा ही गैर कानूनी है। और आगे भी इस तरह का काम करने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
https://www.youtube.com/@22scopestate/videos
यह भी पढ़ें- BIPARD गया में मिशन कर्मयोगी कार्यशाला आयोजित, 17 राज्यों के….
पटना से चंदन तिवारी की रिपोर्ट
Bond Bond Bond Bond Bond Bond
Bond Airport


















