PM Awas Yojana: 1.20 लाख नहीं, 2 लाख रुपये मिले? झारखंड सरकार ने केंद्र से की बड़ी मांग

PM Awas Yojana: झारखंड सरकार ने केंद्र से ‘प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)’ के तहत दी जाने वाली आर्थिक मदद बढ़ाने का अनुरोध किया है। नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन के दौरान, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से लाभार्थियों के लिए मदद की राशि को मौजूदा ₹1.20 लाख से बढ़ाकर ₹2 लाख करने का आग्रह किया। उन्होंने तर्क दिया कि निर्माण की बढ़ती लागत को देखते हुए मौजूदा राशि अब पर्याप्त नहीं है।

निर्माण की बढ़ती लागत का हवाला

सम्मेलन में, दीपिका पांडे सिंह ने सीमेंट, स्टील बार (रीबार), ईंटों और मज़दूरी की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का ज़िक्र किया। नतीजतन, सीमित बजट में एक अच्छा पक्का (स्थायी) घर बनाना गरीब परिवारों के लिए मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि मदद की राशि बढ़ाने से ग्रामीण इलाकों में घर बनाने की गति और गुणवत्ता, दोनों में सुधार होगा।

फ़ैब्रिकेटेड घरों और एकमुश्त भुगतान का प्रस्ताव

ग्रामीण विकास मंत्री ने ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत मज़बूत फ़ैब्रिकेटेड स्ट्रक्चर (पहले से तैयार ढांचे) का इस्तेमाल करके घर बनाने को बढ़ावा देने का सुझाव दिया। उनके अनुसार, इस तकनीक से कम समय में टिकाऊ और सुरक्षित घर बनाए जा सकते हैं। उन्होंने लाभार्थियों के लिए किश्तों के बजाय एकमुश्त भुगतान की व्यवस्था लागू करने का भी प्रस्ताव दिया, ताकि निर्माण कार्य बीच में न रुके।

‘अबूआ आवास योजना’ के लिए MGNREGA मज़दूरी की मांग

दीपिका पांडे सिंह ने राज्य सरकार की ‘अबूआ आवास योजना’ पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने प्रस्ताव दिया कि इस योजना के लाभार्थियों को MGNREGA के तहत 90 दिनों के काम के बराबर मज़दूरी का भुगतान किया जाए। उन्होंने तर्क दिया कि इससे गरीब परिवारों को अतिरिक्त आर्थिक मदद मिलेगी और ग्रामीण इलाकों में रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे।

ग्रामीण उद्योगों और महिला सशक्तिकरण पर ज़ोर

सम्मेलन में मंत्री ने झारखंड में ग्रामीण उद्योगों के विस्तार की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने बताया कि राज्य में लाखों महिलाएँ स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के ज़रिए उद्यमिता से जुड़ी हैं और कई तरह के सामान बना रही हैं। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों के लिए बेहतर बाज़ार और संस्थागत मदद मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था काफी मज़बूत होगी। उन्होंने यह भी बताया कि ‘बिरसा हरित ग्राम योजना’ के तहत पैदा होने वाले झारखंड के आम और स्वयं सहायता समूहों के ब्रांडेड उत्पादों को अब राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में पहचान मिल रही है। उन्होंने आगे कहा कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सम्मेलन के दौरान दिए गए कई सुझावों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और भरोसा दिलाया कि उन पर विचार किया जाएगा।

यह भी पढ़ें: Hul Diwas 2026: चंपाई सोरेन का हेमंत सरकार पर बड़ा हमला, पेसा कानून और इतिहास पर उठाए सवाल

JAC 9th 11th Special Exam Result 2026: जैक 9वीं और 11वीं...

JAC 9th 11th Special Exam Result 2026, रांची: झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने कक्षा 9वीं और 11वीं की विशेष परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी...

ED Raid GST Fraud: बोगस बिलिंग और फर्जी कंपनियों का नेटवर्क!...

ED Raid GST Fraud, रांची: सैकड़ों करोड़ रुपये के कथित जीएसटी फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कार्रवाई...

BSL ED Residence Protest: ‘किसी कीमत पर आवास नहीं छोड़ेंगे’, BSL...

BSL ED Residence Protest, बोकारो: बोकारो स्टील प्लांट (BSL) के सेक्टर-12 स्थित आवासों को खाली कराने के मुद्दे पर विवाद बढ़ता जा रहा है।...