PM Modi Independence Day Speech नई दिल्ली: लाल किले की प्राचीर से 78वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य फाइलों तक सीमित रहना नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने कहा, “गरीबी क्या होती है, इसे मैंने किताबों में नहीं पढ़ा, बल्कि करीब से देखा है। इसलिए मेरी कोशिश रही है कि सरकार प्रो-पीपल और प्रोएक्टिव होकर काम करे, ताकि दलित, पीड़ित, शोषित और वंचित वर्ग को सीधे लाभ मिले।”
पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ‘सेचुरेशन अप्रोच’ के तहत काम कर रही है, ताकि कोई भी हकदार छूट न जाए। जनधन योजना, आयुष्मान भारत, पीएम आवास योजना, पीएम स्वनिधि जैसी योजनाओं को उदाहरण बताते हुए उन्होंने कहा कि इन पहलों ने न केवल आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा दी है, बल्कि लोगों के आत्मविश्वास को भी बढ़ाया है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं और एक ‘न्यू मिडिल क्लास’ का निर्माण हुआ है।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य सिर्फ सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों की चिंता करना नहीं है, बल्कि भौगोलिक रूप से पिछड़े जिलों और ब्लॉकों को भी प्राथमिकता देना है। इस दिशा में 100 एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट और 500 एस्पिरेशनल ब्लॉक मिशन के तहत कार्य चल रहा है, खासकर पूर्वी भारत में बुनियादी ढांचे के हजारों करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को बढ़ावा दिया जा रहा है।
पीएम मोदी ने खेलों के महत्व पर भी जोर दिया और कहा कि पहले खेल को समय की बर्बादी समझा जाता था, लेकिन अब परिवार अपने बच्चों की खेल में भागीदारी पर गर्व महसूस करते हैं। उन्होंने नेशनल स्पोर्ट्स पॉलिसी और खेलो इंडिया नीति को खेलों के सर्वांगीण विकास के लिए अहम बताया, जिसमें स्कूल स्तर से लेकर ओलंपिक तक एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है।
अंत में, प्रधानमंत्री ने महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की आगामी 200वीं जयंती का जिक्र करते हुए कहा कि उनके सिद्धांतों – खासकर पिछड़ों को प्राथमिकता – को धरातल पर उतारना ही उनकी सरकार का संकल्प है।



















