रांची: झारखंड सरकार ने सारंडा वन क्षेत्र को वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी (अभयारण्य) और कंजर्वेशन रिजर्व घोषित करने की दिशा में अहम कदम बढ़ाया है।
वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने इसका मसौदा तैयार कर लिया है और इसे अगली राज्य कैबिनेट बैठक में मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। यह बैठक बुधवार को होनी तय है।
सरकार ने इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय में दायर शपथ पत्र में जानकारी दी है कि सारंडा क्षेत्र के 57,519 हेक्टेयर को वाइल्डलाइफ सेंचुरी और 13.06 किलोमीटर को ससांगदा बुरू कंजर्वेशन रिजर्व के रूप में अधिसूचित किया जाएगा। प्रारंभिक प्रस्ताव के अनुसार केवल 31,468 हेक्टेयर को ही अभयारण्य घोषित किया जाना था, लेकिन अब इसमें खनन क्षेत्र को भी शामिल कर लिया गया है।
वन विभाग के सचिव अबू बकर सदकी ने सुप्रीम कोर्ट में माफी मांगते हुए विस्तारित प्रस्ताव पेश किया है। यह प्रस्ताव वाइल्डलाइफ इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (WII), देहरादून को समीक्षा के लिए भेजा गया है।
वहां से अनुमति मिलते ही इसकी अधिसूचना जारी की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि पूरी प्रक्रिया दो महीने के भीतर पूरी की जाए। अगली सुनवाई की तिथि 23 जुलाई 2025 निर्धारित की गई है।
इस निर्णय के बाद सारंडा झारखंड का 10वां वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी बन जाएगा।
यह कदम न केवल जैव विविधता के संरक्षण के लिए अहम है, बल्कि क्षेत्र में अनियंत्रित खनन पर भी नियंत्रण लगाने में मदद करेगा।
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