75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले के प्राचीर से राष्ट्र को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने देश के आमजनों और युवाओं से आह्वान किया कि 21वीं सदी भारत का हो, यह हमारा सपना नहीं हमारी सामुहिक जिम्मेदारी है। पीएम के सम्बोधन में देश के बंटवारे का दर्द झलका। प्रधानमंत्री ने कहा कि अब से 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में याद किया जाएगा। खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि ओलंपिक में जिन एथलीटों ने हमें गौरवान्वित किया है, वे आज यहां हमारे बीच हैं। पूरे देश से उनकी उपलब्धियों की सराहना करने का आग्रह करता हूं। एथलीटों ने न केवल हमारा दिल जीता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करेगा। प्रधानमंत्री ने देश को आश्वस्त करते हुए कहा कि आने वाला 25 वर्ष हमारा सृजन का अमृतकाल है। इस अमृतकाल में हमारे संकल्पों की सिद्धि, हमें आजादी के 100 वर्ष तक ले जाएगी।
देश के विकास में आम लोगों की भागीदारी के सवाल पर कहा कि ‘सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और अब सबका प्रयास” हमारा मूलमंत्र है। हम इसी को लेकर आगे बढ़गें।
विकास को रफ्तार देने के लिए आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर 75 वंदे भारत ट्रेनें की शुरुआत की जाएगी। यह ट्रेनें देशवासियों को देश के हर कोने से जोड़गी।
आधुनिक भारत की जरुरत और अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए पीएम गतिशक्ति- नेशनल मास्टर प्लान लांच किया जायेगा। यह न सिर्फ देश के विकास के लिए हॉलिस्टिक इंफ्रास्ट्र्क्चर की नींव रखेगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी खोलेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अब सैनिक स्कुलों में पढ़ेगी हमारी बेटियां और मातृभाषा में की जायेगी पढ़ाई। मातृभाषा में पढ़ाई से न सिर्फ हमारा आत्म विश्वास बढ़ेगा, हमें होनहार बच्चे भी मिलेगें।
किसी भी देश के विकास और रिफॉर्म्स में गुड गवर्नेस की अहम भूमिका होती है। हम गुड गवर्नेस के क्षेत्र में प्रतिदिन नया अध्याय लिख रहे है। कोरोना काल में ही हजारों नए स्टार्ट-अप्स आये और सफलता से काम कर रहे हैं। कल के स्टार्ट-अप्स, आज के यूनिकॉर्न बन रहे हैं। इनकी मार्केट वैल्यू हजारों करोड़ रुपए तक पहुंच गई है।
देश में पुराने कानूनों को लेकर पीएम ने कहा कि देश तेजी से आगे बढ़ रहा है, ऐसे में पुराने ढर्रे और कानूनों से देश बाहर निकलना पड़ेगा।


















