पटना : गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से आस-पास और दियारा क्षेत्र में रहने वाले लोगों की समस्या बढ़ती हुई नजर आ रही है। नकटा दियारा में गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण लोग अब अपने घरों से पलायन करने को मजबूर है। नक्शा धर्म चारों तरफ गंगा नदी का पानी बढ़ने के कारण लोग काफी परेशान है। पानी बिकराल रूप धारण कर लिया है। कई घरों में पानी घुस चुका है। बिहार सरकार और जिला प्रशासन के अधिकारी खोज खबर लेने भी नहीं आ रहे हैं। नकटा दियारा के लोगों की माने तो इंसान के साथ-साथ पशु का चारा भी खत्म होने लगा है। पूर्व मुखिया के द्वारा चुरा मीठा बांटा गया है।
वैशाली DM ने बाढ़ प्रभावित राघोपुर का किया निरीक्षण
वैशाली डीएम द्वारा आज बाढ़ प्रभावित राघोपुर का निरीक्षण किया गया और सभी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। जिला पदाधिकारी यशपाल मीणा ने गंगा नदी के जलस्तर में अत्यधिक वृद्धि से बाढ़ प्रभावित राघोपुर क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया। उनके साथ एडीएम, एसडीएम और अन्य पदाधिकारी साथ में थे। बताते चले की गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण लोगों के घरों में पानी घुस गया है। जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ पीड़ितों के लिए व्यवस्था की जा रही है।

राजधानी पटना के नकटा दियारा में जल प्रलय
पटना के नकटा दियारा में बाढ़ के चलते 25 हजार ग्रामीण पलायन करने को मजबूर हो गए हैं। 14 वार्डों वाले इस गांव में जल प्रलय ने मवेशियों समेत ग्रामीणों को घरों में कैद कर दिया है। वे राहत की उम्मीद में जिला प्रशासन की ओर देख रहे हैं। ग्रामीणों की स्थिति बेहद गंभीर है। राहत सामग्री की लूट की खबरें आ रही हैं और बुनियादी सुविधाओं के साथ चिकित्सा सेवाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। स्थानीय लोगों ने कहा है कि 15 दिनों से बाढ़ में फंसे होने के बावजूद कोई सरकारी अधिकारी उनके हालात देखने नहीं आया। यह संकट ग्रामीणों के लिए असहनीय होता जा रहा है और उन्हें तत्काल सहायता की आवश्यकता है।
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चंदन कुमार तिवारी की रिपोर्ट
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