रांची : वित्त मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव ने 3436 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया.
झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन वित्त मंत्री ने 3436 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया.
वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए झारखंड सरकार ने पहला अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया है.
इसमें सबसे ज्यादा महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के लिए 688 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
इसके बाद पंचायती राज विभाग के लिए 624 करोड़ और
अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के लिए 426 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. इससे पहले बजट सत्र में एक लाख एक हजार 101 करोड़ का मूल बजट सदन पर रखा था. इससे पहले बजट सत्र में एक लाख एक हजार 101 करोड़ का मूल बजट सदन पर रखा था.
अनुपूरक बजट : सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग को लेकर सदन में हंगामा
बीजेपी विद्यायक बिरंचि नारायण अपने सीट पर चढ़ कर खड़े हो गए थे. लगातार हंगामे को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 12.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी. उसके बाद फिर जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई वैसे ही राज्य को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग को लेकर बीजेपी के विधायक सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. बीजेपी विधायक वेल में उतरकर नारेबाजी करने लगे. जिसके बाद सदन की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी.
दीपिका पांडेय ने जीएसटी को लेकर उठाया सवाल
कॉंग्रेस विधायक दीपिका पांडेय ने जीएसटी को लेकर पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य, भवन निर्माण विभाग आदि में कार्य कर रहे संवेदकों को जीएसटी प्रतिपूर्ति नहीं करने को लेकर सवाल उठाया. इसके जवाब में मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा कि यह मामला हाई कोर्ट में लंबित है. सितम्बर महीने में इस मामले में फैसला आ जायेगा, उसके बाद कर दिया जाएगा. कांग्रेस विधायक अम्बा प्रसाद ने पिछड़ों को आरक्षण को लेकर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव में पिछड़ों को आरक्षण का लाभ नहीं मिला, लेकिन आगामी नगर निगम और नगर परिषद के चूनाव में इसका लाभ मिलना चाहिए.
रिपोर्ट: मदन सिंह
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