रांची: सुप्रीम कोर्ट में रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री द्वारा दायर एसएलपी (विशेष अनुमति याचिका) पर अब 20 फरवरी को सुनवाई होगी। सोमवार को इस मामले की सुनवाई की तिथि निर्धारित की गई।
यह मामला झारखंड हाइकोर्ट द्वारा 23 सितंबर 2024 को दिए गए आदेश के खिलाफ दायर किया गया है, जिसमें हाइकोर्ट ने भारत निर्वाचन आयोग की अपील याचिका को स्वीकार कर लिया था।
निर्वाचन आयोग ने एकल पीठ के आदेश को चुनौती दी थी, जिसने मामले को डब्ल्यूपीसी के रूप में सुनवाई योग्य मानते हुए इसे सक्षम बेंच में ट्रांसफर किया था। आयोग का कहना था कि इस मामले की सुनवाई केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) में होनी चाहिए।
आयोग ने 6 दिसंबर 2021 को राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर देवघर के उपायुक्त पद से मंजूनाथ भजंत्री को हटाने का आदेश दिया था, साथ ही उन्हें चुनावी कार्यों में नहीं लगाने का निर्देश दिया था।
इसके अलावा, आयोग ने मुख्य सचिव को मंजूनाथ के खिलाफ आरोप पत्र गठित कर विभागीय कार्यवाही करने का भी निर्देश दिया था। गोड्डा के सांसद डॉ. निशिकांत दुबे पर एक ही दिन में पांच थाना क्षेत्रों में केस दर्ज करने के मामले में आयोग ने शिकायत को सही पाया था।







