झारखंड सरकार 1 सितंबर से गृह निर्माण अग्रिम, पे स्लिप और पेंशन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन करेगी। करीब 2 लाख सरकारी कर्मचारियों को सचिवालय के चक्कर से मिलेगी राहत।
Jharkhand e-Governance रांची: झारखंड सरकार राज्य के सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को बड़ी राहत देने जा रही है। एक सितंबर से गृह निर्माण अग्रिम, पे स्लिप और पेंशन से जुड़ी पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी जाएगी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद कर्मचारियों को आवेदन से लेकर स्वीकृति तक के लिए सचिवालय और विभिन्न विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।सरकार का मानना है कि ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से प्रक्रियाएं पारदर्शी, तेज और अधिक सुविधाजनक होंगी। इससे हजारों सरकारी कर्मचारियों का समय और खर्च दोनों बचेंगे।
Jharkhand e-Governance:’कुबेर लोन पोर्टल’ से मिलेगा गृह निर्माण अग्रिम
गृह निर्माण अग्रिम के लिए सरकार अलग से ‘कुबेर लोन पोर्टल’ शुरू कर रही है। इस पोर्टल पर आवेदन से लेकर डीडीओ की अनुशंसा, विभागीय स्वीकृति और अंतिम स्वीकृत्यादेश तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। अभी कर्मचारियों को पहले डीडीओ के पास ऑफलाइन आवेदन देना पड़ता है। इसके बाद फाइल विभाग, विधि विभाग और वित्त विभाग के बीच घूमती है, जिसके कारण स्वीकृति मिलने में काफी समय लग जाता है।
Jharkhand e-Governance:करीब दो लाख कर्मचारियों को होगा लाभ
झारखंड सरकार में वर्तमान में करीब दो लाख नियमित कर्मचारी और अधिकारी कार्यरत हैं। राज्य में स्वीकृत नियमित पदों की संख्या लगभग 3.51 लाख है, हालांकि इनमें बड़ी संख्या में पद अभी भी रिक्त हैं।नई ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से सभी नियमित कर्मचारियों और अधिकारियों को सीधे लाभ मिलेगा। इसके अलावा सरकार पे स्लिप और पेंशन संबंधी प्रक्रिया को भी पूरी तरह डिजिटल बनाने की तैयारी कर चुकी है।
Key Highlights:
1 सितंबर से गृह निर्माण अग्रिम, पे स्लिप और पेंशन प्रक्रिया होगी पूरी तरह ऑनलाइन।
सरकारी कर्मचारियों को सचिवालय के चक्कर लगाने से मिलेगी राहत।
गृह निर्माण अग्रिम के लिए शुरू होगा नया ‘कुबेर लोन पोर्टल’।
झारखंड में करीब 2 लाख नियमित कर्मचारियों और अधिकारियों को मिलेगा लाभ।
गृह निर्माण अग्रिम की अधिकतम राशि 60 लाख रुपये तक उपलब्ध।
Jharkhand e-Governance:60 लाख रुपये तक मिलेगा गृह निर्माण अग्रिम
राज्य सेवा नियमों के अनुसार गृह निर्माण अग्रिम की अधिकतम राशि कर्मचारी के 34 माह के मूल वेतन के बराबर निर्धारित होती है। वर्तमान में औसतन 60 लाख रुपये तक का अग्रिम मकान या फ्लैट निर्माण एवं खरीद के लिए उपलब्ध कराया जाता है। पहले इसकी अधिकतम सीमा 30 लाख रुपये थी, जिसे बढ़ाकर 60 लाख रुपये कर दिया गया।
इस ऋण पर लगभग 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज लिया जाता है। सबसे बड़ी राहत यह है कि इस अग्रिम के लिए किसी संपत्ति को मॉर्गेज रखने की आवश्यकता नहीं होती। सीएनटी और एसपीटी एक्ट से जुड़ी बाधाओं के कारण पहले अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के कर्मचारियों को आने वाली दिक्कतें भी अब दूर हो चुकी हैं।
Jharkhand e-Governance:20 साल में चुकाना होगा ऋण
गृह निर्माण अग्रिम की वापसी अधिकतम 20 वर्षों में करनी होगी। पहले 15 वर्षों में मूलधन की 180 मासिक किस्तें और उसके बाद पांच वर्षों में ब्याज की 60 किस्तें जमा करनी होती हैं। नियम के अनुसार सेवानिवृत्ति से एक वर्ष पहले तक पूरी राशि का भुगतान करना अनिवार्य है।
हालांकि, यह सुविधा केवल नियमित सरकारी कर्मचारियों के लिए उपलब्ध होगी। संविदा, आउटसोर्स या पेंशनभोगी कर्मियों को गृह निर्माण अग्रिम का लाभ नहीं मिलेगा।
Jharkhand e-Governance:पे स्लिप और पेंशन भी होगी पूरी तरह डिजिटल
वित्त विभाग और महालेखाकार (एजी) कार्यालय के सहयोग से पे स्लिप और पेंशन प्रक्रिया को भी पूरी तरह ऑनलाइन करने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। फिलहाल इन सेवाओं में आंशिक ऑनलाइन व्यवस्था है, लेकिन एक सितंबर से इसे पूर्ण रूप से डिजिटल बनाने की तैयारी है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद कर्मचारियों को आवेदन की स्थिति ऑनलाइन देखने, दस्तावेज अपलोड करने और स्वीकृति प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी, जिससे सचिवालय की भागदौड़ और फाइलों की लंबी प्रक्रिया से मुक्ति मिलेगी।
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