Ranchi: राहुल गांधी से ईडी पूछताछ का विरोध, राजभवन जाने से प्रशासन ने कांग्रेसियों को रोका

339
Advertisment

राजभवन घेराव करने निकले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को नगर निगम पार्क के समीप रोका

रांची : नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से ईडी के द्वारा लगातार पूछताछ

Advertisment

जारी है. इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस के द्वारा लगातार प्रदर्शन किया जा रहा है.

राजधानी रांची में भी कांग्रेस राजभवन का घेराव करने जा रही

लेकिन उन्हें रास्ते में ही पुलिस प्रशासन ने रोक दिया.

जिसके बाद कांग्रेसियों ने वहीं धरना प्रदर्शन करने लगे.

कांग्रेस के नेता-कार्यकर्ता सुबह दस बजे से ही मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका से

राजभवन घेराव करने के लिए निकले थे, लेकिन कार्यकर्ताओं को

नगर निगम पार्क के समीप रोक दिया गया.

कार्यकर्ताओं का कहना है कि अब वह सड़क पर ही बैठकर आंदोलन करेंगे.

congress12 22Scope News

बता दें कि कांग्रेस द्वारा आयोजित इस प्रदर्शन में सभी मंत्री भी पहुंचे. पार्टी में विभिन्न पदों पर आसीन पदाधिकारी और पूर्व में अध्यक्ष एवं कार्यकारी अध्यक्ष रह चुके नेता भी मौजूद रहे. सभी विधायकों को भी इस कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया गया. इस दौरान उनके साथ प्रदेश प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद, अग्रणी संगठन प्रभारी रवींद्र सिंह, प्रवक्ता राकेश सिन्हा, डा. एम. तौसीफ, आभा सिन्हा, सोशल मीडिया कोआर्डिनेटर गजेन्द्र सिंह आदि उपस्थित रहे.

congress1 22Scope News

कांग्रेस के कार्यकर्ता करते रहेंगे विरोध

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र की स्थापना पं. जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, पुरुषोत्तम टंडन, आचार्य नरेंद्र देव, रफी अहमद किदवई और अन्य नेताओं ने मिलकर वर्ष 1937 में की. ताकि एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड नामक कंपनी को स्थापित करके देश में स्वतंत्रता आंदोलन को आवाज दी जा सके. संपादकीय उत्कृष्टता के बावजूद नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र निरंतर आर्थिक रूप से घाटे में गया और परिणाम स्वरूप इसकी देनदारी 90 करोड़ रुपये तक पहुंच गई.

congress 1 22Scope News

लगभग 100 किश्तों में दिया ऋण

उन्होंने कहा कि नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र की सहायता के लिए कांग्रेस पार्टी ने वर्ष 2002 से लेकर 2011 के दौरान लगभग 100 किश्तों में इसे 90 करोड़ रुपये का ऋण दिया. जिसमें से 67 करोड़ रुपये के करीब राशि कर्मियों के बकाए भुगतान में खर्च कर गई. बांकी की राशि बिजली शुल्क, गृह कर, किराएदारी शुल्क और भवन व्यय आदि जैसी सरकारी देनदारियों के भुगतान के लिए इस्तेमाल की गई. भाजपा के नेता दुर्भावना से ग्रसित होकर इसे आपराधिक कृत्य बता रहे हैं. कांग्रेस के कार्यकर्ता इसका विरोध करते रहेंगे.

रिपोर्ट: करिश्मा

Advertisement