पटना : पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान पटना के परिसर में स्थित मोबाइल वेटरनरी यूनिट (MVU) के ‘1962’ पशुधन आपातकालीन एवं टेली-पशु चिकित्सा कॉल सेंटर का गुरुवार को डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री सुरेंद्र मेहता ने औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का उद्देश्य राज्य में संचालित पशुधन आपातकालीन सेवाओं तथा टेलीमेडिसिन आधारित पशु चिकित्सा सेवा प्रणाली के कार्यप्रणाली की समीक्षा करना था।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने कॉल सेंटर में कार्यरत CCE से विस्तृत किया संवाद
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने कॉल सेंटर में कार्यरत कॉल सेंटर एग्जीक्यूटिव्स (CCE) से विस्तृत संवाद किया। पशुपालकों से प्राप्त कॉल के पंजीकरण, प्राथमिक जांच, वर्गीकरण एवं मामलों के आवंटन की संपूर्ण प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की। उन्हें बताया गया कि किस प्रकार शिकायत की प्रकृति, गंभीरता एवं तात्कालिकता के आधार पर मामलों का आकलन कर टेलीमेडिसिन परामर्श अथवा फील्ड स्तर पर आपातकालीन पशु चिकित्सा सेवा के लिए अग्रसारित किया जाता है।

मंत्री सुरेंद्र मेहता ने 1962 कॉल सेंटर में तैनात पशु चिकित्सकों से भी किया संवाद
मंत्री सुरेंद्र मेहता ने 1962 कॉल सेंटर में तैनात पशु चिकित्सकों से भी संवाद किया। इस दौरान उन्होंने पशु चिकित्सा प्रोटोकॉल, मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) एवं मामलों के वर्गीकरण के निर्धारित मानदंडों पर विस्तार से चर्चा की और आवश्यक निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पशु मालिकों को समय पर, सटीक एवं गुणवत्तापूर्ण पशु चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

BHSPL द्वारा संचालित डिजिटल डैशबोर्ड का निरीक्षण किया व रीयल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम की कार्यक्षमता की
साथ ही उन्होंने बीएचएसपीएल द्वारा संचालित डिजिटल डैशबोर्ड का निरीक्षण किया व रीयल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम की कार्यक्षमता की समीक्षा की। कॉल रिस्पॉन्स टाइम, केस डिस्पोजल प्रक्रिया, फील्ड रिस्पॉन्स एवं समग्र परिचालन दक्षता का आकलन करने के लिए एक चिकित्सा मामले का व्यक्तिगत रूप से अवलोकन भी किया। उन्होंने राज्य भर के पशुपालकों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में कॉल सेंटर के कर्मचारियों, पशु चिकित्सकों एवं तकनीकी टीम द्वारा किए जा रहे समन्वित प्रयासों, सुव्यवस्थित प्रक्रिया और आधुनिक प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग की सराहना की।

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