Shrawan Kumar Social Justice Statement: बिहार सरकार के ग्रामीण विकास एवं सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि राजनीति का वास्तविक उद्देश्य सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि समाज में समानता, सामाजिक न्याय और जनकल्याण को बढ़ावा देना होना चाहिए। लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और विचारों में मतभेद होने के बावजूद एक-दूसरे की राय का सम्मान करना जरूरी है। वह सोमवार, 2 नवंबर को दिल्ली विश्वविद्यालय के दयाल सिंह कॉलेज में आयोजित अंतर महाविद्यालय क्विज प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि के रूप में विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे। ‘इंडियन पॉलिटी एंड कॉन्स्टिट्यूशन’ विषय पर आयोजित इस प्रतियोगिता के दौरान मंत्री ने युवाओं को संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संवाद, सहमति और असहमति का सम्मान ही लोकतंत्र को मजबूत बनाता है। मतभेद को मनभेद में बदलने से सामाजिक और लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित होती है।
राजनीति में सत्ता से अधिक महत्वपूर्ण है जनकल्याण
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए श्रवण कुमार ने कहा कि राजनीति को केवल सत्ता प्राप्त करने का माध्यम नहीं समझना चाहिए। इसका मूल उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को न्याय दिलाना और आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना होना चाहिए। उन्होंने लोकतंत्र में नागरिकों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि जनता ही सर्वोपरि है। अलग-अलग विचार और दृष्टिकोण लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा हैं। ऐसे में हर व्यक्ति को दूसरे की बात सुनने और उसकी असहमति का सम्मान करने की आदत विकसित करनी चाहिए।
महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए बिहार के फैसलों का किया जिक्र
मंत्री ने बिहार में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में लागू किए गए सामाजिक बदलावों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2006 में पंचायती राज संस्थाओं और 2007 में नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। इससे महिलाओं को स्थानीय शासन में नेतृत्व करने और निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर मिला। उन्होंने सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान को भी महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उनके अनुसार, महिलाओं को राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था में अधिक अवसर देना सामाजिक भागीदारी को व्यापक बनाने का माध्यम है।
हर घर नल का जल योजना से ग्रामीण परिवारों को राहत
श्रवण कुमार ने बिहार की हर घर नल का जल योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता ग्रामीण जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव लाती है। इस योजना से परिवारों को घर तक पानी पहुंचाने में मदद मिली है। इससे दूषित पानी से होने वाली बीमारियों से बचाव और विशेष रूप से महिलाओं को दूर से पानी लाने की परेशानी कम करने में सहायता मिली है। उन्होंने कहा कि इस तरह की योजनाएं सामाजिक न्याय और जनकल्याण की अवधारणा को जमीन पर उतारने का काम करती हैं। सरकार की विकास संबंधी पहल का उद्देश्य आम लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना होना चाहिए।
गांवों के विकास से मजबूत होगा देश
ग्रामीण विकास के महत्व पर चर्चा करते हुए मंत्री ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। गांवों में सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की सुविधाएं बेहतर किए बिना समग्र विकास की कल्पना पूरी नहीं हो सकती। उन्होंने महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के विचारों का उल्लेख करते हुए पंचायती राज संस्थाओं को ग्रामीण विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया। उनके अनुसार, स्थानीय स्तर पर लोगों की भागीदारी बढ़ने से विकास योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने में मदद मिलती है।
सोशल मीडिया के इस्तेमाल में जिम्मेदारी बरतें युवा
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने युवाओं से सोशल मीडिया का उपयोग सावधानी और जिम्मेदारी के साथ करने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी सत्यता जांचना जरूरी है। अफवाहों और भ्रामक जानकारियों से समाज में भ्रम और तनाव पैदा हो सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को याद दिलाया कि संविधान की रक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का भी कर्तव्य है। लोकतांत्रिक मूल्यों को व्यवहार में अपनाना और सामाजिक सद्भाव बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है।
संविधान के आदर्शों को जीवन में अपनाने की अपील
अपने संबोधन के अंत में श्रवण कुमार ने विद्यार्थियों से संविधान में निहित समानता, न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं से सामाजिक सद्भाव बनाए रखने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। मंत्री ने विश्वास जताया कि भारतीय राजनीति और संविधान जैसे विषयों पर आयोजित क्विज प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों की संवैधानिक समझ बढ़ाने के साथ उनमें लोकतांत्रिक चेतना भी विकसित करेंगी।
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