एकजुट होकर संघर्ष ही एकमात्र रास्ता-सीता सोरेन
Ranchi- झारखंड मुक्ति मोर्चा विधायक सीता सोरेन ने केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सड़क पर उतरने का फैसला किया है.
इसके लिए लोगों से 28 और 29 मार्च को आहूत देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने की अपील की है.
चतरा जिले के टंडवा में श्रमिक संगठनों की ओर से आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए उन्होने कहा कि
केंद्र सरकार की जनविरोधी नीति के खिलाफ मजदूरों और किसानों में काफी रोष है.
हमें एकजुट होकर इसके खिलाफ लड़ाई लड़नी होगी.
उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों को सभी देख रहे हैं.
केंद्र सरकार ने अपने करीबी पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए सार्वजनिक उपक्रमों में विनिवेश किया.
रेल, हवाई जहाज और बैंक सहित सभी सार्वजनिक उपक्रमों को एक एक कर बेचा जा रहा है.
अभी हम नोटबंदी के कुप्रभावों से बाहर भी नहीं निकले थे कि
कोरोना काल में केन्द्र सरकार की ओर से थोपी गई अव्यवस्था ने सब कुछ छीन लिया.
लाखों करोड़ों लोगों का रोजगार चला गया. लोग आज भुखमरी के कगार पर खड़े हैं.
यदि हमें इससे निजात पाना है तो एक ही रास्ता है कि हम एकजुट होकर इसके खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करें. जिस झारखंड में खदानों की भरमार है.
वहां के मजदूर काम की खोज में दूसरे राज्यों में पलायन कर रहें हैं. काम की तलाश में हमारे लोगों का बाहर जाना दुखद है.
संताल में मची हुई है लूट, नियमों की अनदेखी कर काटे जा रहें है पेड़
इस अवसर पर उन्होने अपने पति और झामुमो के स्तम्भ रहे स्वर्गीय दुर्गा सोरेन को भी याद किया.
दुर्गा सोरेन का याद करते हुए कहा कि विस्तापितों के हालात की जानकारी के लिए वे बराबर टंडवा-पिपरवार की यात्रा करते थें.
उनके सुख दुख में शामिल होते थें.
यही कारण है कि मेरा भी इस इलाके से संबंध बना रहता है, संताल परगना को वे कभी भूल नहीं पाते.
यहां की समस्याओं के लिए हर संभव कोशिश करते रहते हैं.
इसी भ्रमण और निरीक्षण के दौरान इस बात की जानकारी मिली कि यहां नियमों की अनदेखी कर बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई की जा रही है.
वन भूमि का अतिक्रमण किया जा रहा है. जंगल के रास्ते से कोयले का अवैध परिचालन हो रहा है.
सीता सोरेन राज्य सरकार से तत्काल इस अकुंश लगाने का अनरोध किया.
इसके साथ ही दोषी अधिकारियों को चिह्नित कर कार्रवाई का आग्रह किया
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