Ranchi– हेमंत सरकार को गिराने का षडयन्त्र रचने के आरोप में जेल में बंद अशोक अग्रवाल को आखिरकार बेल मिल गयी. आरोप के पक्ष में सरकार की ओर से कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया जा सका.
झारखंड हाई कोर्ट में अनिल चौधरी की अदालत में मामले की सुनवायी के दौरान घाटशिला विधायक रामदास सोरेन ने कोर्ट को बताया कि रवि केजरीवाल और उसके मित्र अशोक अग्रवाल ने उन्हे रिश्वत देने की कोशिश की थी और दावा किया था कि कुछ दूसरे झामूमो विधायक भी उसके सम्पर्क में है.
जबकि अशोक अग्रवाल के वकील ने कोर्ट को बताया कि रामदास सोरेन की ओर यह नहीं बताया जा रहा कि उनसे किस दिन सम्पर्क किया गया और न ही उस मोबाइल नम्बर की जानकारी दी जा रही है, जिस नम्बर से संपर्क किया गया था. दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अशोक अग्रवाल की जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया.
बता दें कि सरकार गिराने की साजिश होने की बात सामने आने पर राजनीति गलियारों में भूचाल आ गया था, आरोप मीडिया की सुर्खियां बटोर रहा था. आरोप-प्रत्यारोप के दौर चले थे, लेकिन सरकार की ओर से कोर्ट में अपने आरोप के पक्ष में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया जा सका और आखिरकार आरोपी को बेल मिल गया.
रिपोर्ट- प्रोजेश

















