पटना : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प सभागार में पर्यटन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में पर्यटन विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से पर्यटन विभाग के विभिन्न योजनाओं की अद्यतन स्थिति और राज्य के प्रमुख पर्यटन केंद्रों के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा- बिहार को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर लाना है इसके लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर लाना है इसके लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है और धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों का कायाकल्प करना है। राज्य के प्रमुख पर्यटन केंद्रों- राजगीर, गयाजी और नालंदा में चल रही परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। बिहार की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने के लिये काम करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा- मां मुंडेश्वरी मंदिर, करकटगढ़ जलप्रपात व राजगीर के लिए पर्यटकों की सुविधा सुविधा हेतु अनुदानित दर पर हेलिकॉप्टर सेवा प्रारंभ की जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां मुंडेश्वरी मंदिर, करकटगढ़ जलप्रपात और राजगीर के लिए पर्यटकों की सुविधा सुविधा हेतु अनुदानित दर पर हेलिकॉप्टर सेवा प्रारंभ की जाए। साथ ही वाल्मीकिनगर के लिए शनिवार एवं रविवार को पर्यटकों के लिये रियायती दर पर वायुसेवा शीघ्र प्रारंभ करें। पर्यटकों की सुविधा के लिए पटना प्रस्थान से आगमन तक ‘एंड-टू-एंड’ सेवा बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा शुरू की जाएगी। विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर और महाबोधि मंदिर कॉरिडोर की परियोजना को शीघ्र अंतिम रूप देकर कार्य प्रारंभ कराया जाए। राजगीर में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं का विस्तार और सुधार किया जाएगा।
राजगीर की ऐतिहासिक महत्ता को देखते हुए इसे आध्यात्मिक शिक्षा के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित किया जाएगा
उन्होंने कहा कि राजगीर की ऐतिहासिक महत्ता को देखते हुए इसे आध्यात्मिक शिक्षा के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित किया जाएगा। नालंदा की वैश्विक पहचान की पुनर्स्थापना की जाएगी साथ ही विश्व धरोहर दर्जे को और सुदृढ़ किया जाएगा। नालंदा को वैश्विक ज्ञान और सांस्कृ तिक केंद्र के रूप में फिर से स्थापित करने के लिए एक विशेष एकीकृत पैकेज तैयार किया जाएगा। पर्यटन क्षेत्रों में निवेश और बेहतर प्रबंधन के लिए पीपीपी मोड को बढ़ावा दिया जाएगा।

पावापुरी मंदिर परिसर के चहुंमुखी विकास के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाएगी
उन्होंने कहा कि पावापुरी मंदिर परिसर के चहुंमुखी विकास के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाएगी। स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ग्रामीण पर्यटन पहल शुरू की जाएंगी। पर्यटकों को बिहार की पारंपरिक मेहमाननवाज़ी से रूबरू कराने और स्थानीय रोजगार सृजन के लिए ‘होमस्टे’ नीति को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा- बिहार की भूमि अध्यात्म, इतिहास और संस्कृति का केंद्र रही है
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की भूमि अध्यात्म, इतिहास और संस्कृति का केंद्र रही है। हमारा लक्ष्य है कि गयाजी, राजगीर और नालंदा आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलें। बुनियादी ढांचे में सुधार, कॉरिडोर निर्माण और होमस्टे जैसी पहलों से न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

CM सम्राट के साथ कई वरीय अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, पर्यटन विभाग के सचिव सह मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह और बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक नंद किशोर सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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