पटनाः तारापुर और कुशश्वेरस्थान विधान सभा उपचुनाव में चुनाव प्रचार खत्म होते ही तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर प्रशासनिक महकमें का दुरुपयोग कर चुनाव जीतने की साजिश का आरोप लगाया है.
तेजस्वी यादव ने एक प्रशासनिक अधिकारी दिलीप कुमार झा का मामला उठाते हुए कहा कि इस प्रशासनिक अधिकारी के विरुद्ध राजद सचेतक ने पहले ही शिकायत दर्ज करवाई थी, उक्त शिकायत पर अधिकारी का तबादला कर दिया गया था. लेकिन, बगैर किसी नोटिफिकेशन के फिर से इस अधिकारी को डेपुटेशन पर कुशेश्वरस्थान लाया गया और उजला और तिलेश्वर में 25 बुथों की जिम्मवारी सौंप दी गई.
तेजस्वी यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार डरे-सहमें है. इतना शर्मिला मुख्यमंत्री कोई दूसरा नहीं हुआ, मुख्यमंत्री बेरोजगारी, मंहगाई, भ्रष्टाचार किसी मुद्दे पर बात ही नहीं करना चाहतें. मुख्यमंत्री हर सवाल पर सिर्फ झल्लाते हैं. जबकि, सच्चाई यह है कि पिछली बार भी इन्होने चोरी से सत्ता हासिल की थी और इस बार भी इसकी तैयारी की जा रही है. प्रशासनिक अधिकारियों को चुनाव जितवाने की जिम्मेदारी दी जा रही है. पिछले चुनाव में कहा था कि यह मेरा अन्तिम चुनाव है, लेकिन फिर से चुनाव में कूद पड़े, यह किस प्रकार का इमोशनल अत्याचार है.
जदयू का पलटवार

जदयू प्रवक्ता निखिल मंडल ने तेजस्वी के प्रशासनिक महकमें का दुरुपयोग और दिलीप कुमार झा के सवाल पर तेजस्वी के आरोपों को नकारते हुए कहा है कि यदि तेजस्वी यादव को कोई शिकायत है तो चुनाव आयोग से इसकी शिकायत करनी चाहिए. प्रेस कॉन्फ्रेंस कर क्या हासिल करना चाहते हैं? चुनाव में अपनी हार को देख कर सिर्फ अनर्गल बयान दे रहे हैं. दरअसल उनकी पढ़ाई- लिखाई ही इतनी हुई है कि चीजों को समझने में परेशानी का सामना करना पड़ता है.
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