SAMASTIPUR:- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समाज सुधार यात्रा है. अभी हाल में ही राज्य के आला अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर शराबबंदी को सख्त से लागू करवाने का निर्देश दिया था. लेकिन शराबबंदी को जिस प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सफल बनाया जाना है, जिनके कंधे पर यह जिम्मेवारी है, वही प्रशासनिक महकमा ही शराबबंदी पर पानी फेरने पर तूला नजर आ रहा है.

ताजा मामला समस्तीपुर के विभूतिपुर थाना का है, जहां थाने में पदस्थापित एएसआई अरुण कुमार पटेल को एक बोतल अंग्रेजी शराब के साथ गिरफ्तार कर लिया गया.
इस मामले में एसपी मानवजीत सिंह ढिल्लों का ने बताया कि कुछ विभूतिपुर थाना क्षेत्र के चकहबीब गांव में शराब की एक बड़ी खेप बरामद हुई थी. इस मामले में एएसआई के द्वारा अभियुक्त का नाम केस हटाने के लिए एक लाख रुपये की मांग की गई थी. इसका एक वीडियो वायरल हुआ था. इसी ऑडियो की जांच पड़ताल के लिए एसपी थाने पर पहुंचे थे. इस दौरान एसपी ने एएसआई के आवास पर छापा मारा और एसपी ने एएसआई के आवास से शराब की बोतल के साथ एएसआई को गिरफ्तार कर लिया. लेकिन, बड़ा सवाल यह है कि क्या ऐसे ही अधिकारियों के भरोसे शराबबंदी को लागू किया जाएगा. कैसे इनके कंधे पर शराबंबदी की जिम्मेदारी दी जा सकती है.

















