रांचीः झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में नीति आयोग के सदस्यों और राज्य सरकार के पदाधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक हुई. घंटों चली इस बैठक में राज्य के विकास से संबंधित कई विषयों पर चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने कहा कि संघीय ढांचा होने के नाते केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय से विकास की गति को तेज करने के साथ नई दिशा दी जा सकती है. वहीं, इससे जुड़ी योजनाओं और नीतियों के निर्माण और निर्धारण में नीति आयोग की अहम भूमिका है. आज नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल के नेतृत्व में 8 सदस्यीय टीम तथा वर्चुअल माध्यम से जुड़े केंद्र सरकार के वरीय पदाधिकारियों के साथ विभिन्न विभागों से जुड़े मसलों पर सकारात्मक विचार विमर्श हुआ.
नीति आयोग के सदस्य विनोद पाल ने बताया कि नीति आयोग की तरफ से टीम झारखंड में आई है. हमें बहुत आभार है झारखंड सरकार का. मुख्यमंत्री के साथ लंबी बातचीत हुई और इसमें चहुंमुखी विकास को लेकर भागीदारी की बात सामने आई.
बैठक पर जानकारी देते हुए विनोद पाल ने कहा कि नीति आयोग का ऑब्जेक्टिव है कि राज्यों के साथ मिलकर काम करें. देश में इकट्ठे होकर टीम इंडिया बनकर देश का विकास करें. साथ ही देश के विकास का तात्पर्य है राज्यों का विकास. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के 22 विभागों ने अपने प्रस्ताव और इश्यूज से अवगत कराया था. इन सभी पर केंद्र सरकार का भी रिस्पांस मिला है. विनोद पाल ने बताया कि नीति आयोग की तरफ से एक स्टेट सपोर्ट मिशन लागू हो रहा है, जिसमें राज्यों को अपने फ्यूचर के मिशन बनाने है. स्टेट सपोर्ट मिशन का मकसद है कि कैसे एक सिस्टम बने और नीति आयोग के साथ मिलकर राज्य को विकास की तरफ ले जाए जा सके.
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम को आगे बढ़ाते हुए एस्पिरेशनल ब्लॉक कार्यक्रम का आदेश दिया है. जिसके तहत देश के 500 सबसे कमजोर ब्लॉक को ऊपर लाने का उद्देश्य है. ताकि वहां पर अच्छा डेवलपमेंट हो सके और एजुकेशन बढ़िया हो. सेंट्रल गवर्नमेंट और राज्य सरकार के मिलकर काम करने के लिए झारखंड सरकार के अलग-अलग मिनिस्टरीज से बात चल रही है. बैठक में आइडिया शेयरिंग हुई और राज्य का चहुंमुखी विकास हो यही सब का विजन है.
आज की बैठक में मुख्य रूप से कोयला, ऊर्जा, रेलवे राजस्व, जल संसाधन, खनिज, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, सिविल एविएशन गृह, जनजातीय मामले, सड़क परिवहन और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े विषयों पर विशेष रुप से चर्चा हुई और केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालयों के वरीय पदाधिकारी भी इस दौरान ऑनलाइन मौजूद रहे.

















