सरकार के द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न योजनाओं से गांव के लोग पूरी तरह है वंचित

जमुई : जमुई जिला का एक ऐसा गांव जहां आज तक सरकार के द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न योजनाओं से पूरी तरह वंचित है। यह गांव खुरंडा पंचायत के वार्ड संख्या-12 के डहुआ गांव है। जो झाझा प्रखंड मुख्यालय से 20 किमी दूर जंगल के बीचों बीच स्थित है। इस कारण यहां सुविधाओं का घोर अभाव है। सरकारी योजनाओं का टोटा है। इस गांव में ना सरकारी विद्यालय है, ना तो आंगनबाड़ी केंद्र है। प्राथमिक उपचार के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं है। नल जल, प्रधानमंत्री आवास योजना, गली-नली, सड़क योजना, सामुदायिक भवन सहित केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं से पूरी तरह वंचित है।

वोट गिराने के लिए आठ किमी दूर खुरंडा या फिर लीलावरण स्कूल जाना पड़ता है – ग्रामीण लखन

ग्रामीण लखन सोरेन कहते है कि वोट गिराने के लिए आठ किमी दूर खुरंडा या फिर लीलावरण स्कूल जाना पड़ता है। हमलोगों से जमुई संसदीय क्षेत्र जमुई एवं झाझा विधानसभा के प्रत्याशी वोट मांगने भी नहीं आते है और ना ही जितने के बाद इनकी सुधि लेते हैं। वोट के समय प्रत्याशी के समर्थक ही वोट मांगने के लिए आते हैं। आदिवासी व पुझार समुदाय वाले इस गांव में प्रशासनिक पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि के नजर से ओझल है। सरकारी योजना के नाम पर इस गांव में मात्र दो सरकारी चापाकल झाझा प्रखंड विकास पदाधिकारी के द्वारा लगाया गया है। एसएसबी के द्वारा दो चापाकल दिया गया है। करीब पांच वर्ष पूर्व एसएसबी के द्वारा गांव में सोलर लाइट लगाया गया था, जो बेकार पड़ा है।

हमलोगों को मुख्य सड़क मार्ग पर जाने के लिए 3 किमी की दूरी जंगल के पगडंडी से चलकर जाना पड़ता है – बुधु राय टुड्डू

वहीं बुधु राय टुड्डू का कहना है कि हमलोगों को मुख्य सड़क मार्ग पर जाने के लिए तीन किमी की दूरी जंगल के पगडंडी से चलकर जाना पड़ता है। जब गांव में किसी भी व्यक्ति बीमार पड़ते है या फिर गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाने की नौबत होता है तो चारपहिया का सहारा लेना पड़ता है। क्योंकि गांव में आने जाने के लिए आज तक सड़क नहीं बना है। गांव व सड़क मार्ग के बीच एक नदी है जो चारो ओर से पहाड़ से घिरा हुआ है। बरसात के समय नदी में पानी भर जाने पर यदि कोई व्यक्ति गांव से बाहर होता है तो जबतक नदी का पानी कम नहीं हो जाता तबतक लोग नदी किनारे जंगल मे ही रहने को मजबूर होता है। गांव से भी कोई व्यक्ति बाहर बाजार, अस्पताल व स्कूल नहीं जा पाता है।

हमारे गांव की आबादी चार सौ है जिसमें कुल 36 परिवार रहते हैं – ग्रामीण गुजा पुझार

ग्रामीण गुजा पुझार का कहना है कि हमारे गांव की आबादी चार सौ है जिसमें कुल 36 परिवार रहते है। करीब दो सौ से अधिक लोग वोट करते है। उसके बाद भी हमारे गांव में कोई भी मूलभूत सुविधा सरकार के द्वारा नहीं दिया गया है। इस गांव के बच्चे पढ़ाई करने के लिए चार किमी दूर घोरपारन स्कूल जाते है। छोटे-छोटे बच्चे पढ़ाई से वंचित हो रहे हैं। इस गांव के नाम पर प्राथमिक विद्यालय आवंटित है। जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण घोरपारन विद्यालय में टैग कर विद्यालय का संचालन किया जाता है। एक भी परिवार को पीएम आवास नहीं मिला है। जबकि 36 परिवार में से 25 परिवार का राशन कार्ड बना हुआ है। इस गांव के लोग लकड़ी, पत्तल एवं दातुन बेचकर अपना जीविकोपार्जन चलाते हैं।

यह भी देखें :

चुनाव आया तो मुखिया, समिति व सरपंच सभी आ जाते हैं – ग्रामीण

ग्रामीणों का कहना था कि जब चुनाव आता है तो मुखिया, समिति व सरपंच यहां हमलोगों से सिर्फ वोट मांगने के लिए आते हैं। वोट के समय हमलोगों को आश्वासन देते है कि इस बार हमें वोट दो हम सड़क, गली नली, नज नल योजना पास कर देंगे और जीत जाने के बाद कोई भी इस गांव को झांकने के लिए भी नहीं आते है। कुछ समय बाद जब ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ। उनलोगों का कहना था कि हमलोगों को नेता सिर्फ वोट के लिए इस्तेमाल करता है। जब हमलोग कुछ योजना की मांग करने के लिए जाते है तो जनप्रतिनिधि वन विभाग का बहाना बनाकर अपना पल्ला झाड़ लेते है। डहुआ गांव में एक परिवार के दो लोग पति-पत्नी ही इंटर तक की पढ़ाई किया हुआ है।

गांव के कोई भी व्यक्ति सिर्फ हस्ताक्षर करने से ज्यादा पढ़ाई नहीं किया हुआ है

इसके अलावे गांव के कोई भी व्यक्ति सिर्फ हस्ताक्षर करने से ज्यादा पढ़ाई नहीं किया हुआ है। उक्त गांव में आज तक बिजली नहीं पहुंची है। जिस कारण गांव शाम होते ही पूरी तरह अंधकारमय हो जाता है। मोबाइल चार्जिंग के लिए लोगों को घोरपारन गांव या फिर सिमलतला बाजार जाना पड़ता है। इस गांव के लिए आज भी लालटेन और ढिबरी जलाकर रात गुजारते हैं।

यह भी पढ़े : चेयरमैन और उनके गुंडे के द्वारा योजना गिरने वाला बक्सा को किया कब्जा

ब्रह्मदेव प्रसाद यादव की रिपोर्ट

BIADA MD Navin Kumar: BIADA के नए MD नवीन कुमार ने...

BIADA MD Navin Kumar: बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार यानी BIADA को नया प्रबंध निदेशक मिल गया है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी नवीन कुमार...

Bihar Building Bylaws 2026: बिहार भवन उपविधि-2026 का प्रारूप तैयार, अब...

Bihar Building Bylaws 2026: बिहार में शहरी क्षेत्रों के सुनियोजित विकास और भवन निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाने की दिशा में सरकार...

Jharkhand Revenue Collection: झारखंड को 22 हजार करोड़ के नुकसान का...

Jharkhand Revenue Collection: झारखंड में राजस्व संग्रह को लेकर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने शुक्रवार को सरकार की स्थिति और आगामी लक्ष्य को लेकर...