Gaya Pitru Paksha Mela 2026: विश्व प्रसिद्ध गयाजी पितृपक्ष मेले को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात को लेकर कई विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि मेले को अधिक व्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इसकी जानकारी डीएम शशांक शुभंकर ने मीडिया से बातचीत के दौरान दी।
बच्चों की सुरक्षा के लिए QR कोड वाला बैंड
पितृपक्ष मेले में देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग गयाजी पहुंचते हैं। भीड़ के बीच बच्चों के बिछड़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने इस बार QR कोड सुरक्षा बैंड की व्यवस्था की है। डीएम के अनुसार, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर पहुंचने वाले बच्चों को विशेष QR कोड बैंड पहनाया जाएगा। इस कोड में बच्चे के माता-पिता की जानकारी और संपर्क नंबर दर्ज रहेगा। अगर भीड़ में कोई बच्चा अपने परिवार से अलग हो जाता है, तो पुलिसकर्मी, स्वयंसेवक या कोई अन्य व्यक्ति मोबाइल से QR कोड स्कैन कर परिजनों से संपर्क कर सकेगा। इससे बिछड़े बच्चों को परिवार तक पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
बच्चों की पेंटिंग से सजेगा गयाजी शहर
मेले की तैयारियों में स्थानीय बच्चों की प्रतिभा को भी शामिल किया गया है। पितृपक्ष मेले के आधिकारिक लोगो के चयन के लिए बच्चों के बीच प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। इसमें चुने गए मुख्य लोगो के अलावा नौ अन्य चयनित लोगो का भी प्रचार-प्रसार में इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं ‘पेन्ट द सिटी’ अभियान के तहत बच्चों के 27 समूहों का चयन किया गया है। ये समूह शहर की दीवारों, घाटों और प्रमुख चौक-चौराहों पर पितृपक्ष और गयाजी के धार्मिक एवं पौराणिक महत्व से जुड़ी कहानियों को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत कर रहे हैं।
70 हजार लोगों के ठहरने की तैयारी
मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए जिला प्रशासन करीब 70 हजार लोगों की आवासन क्षमता तैयार कर रहा है। इसके तहत गांधी मैदान में 2,500 बेड की बड़ी टेंट सिटी बनाई जा रही है। श्रद्धालुओं को सस्ता और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए जीविका दीदी की रसोई भी संचालित होगी। यहां महज 25 रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।
सफाई, पानी और स्वास्थ्य पर भी फोकस
मेले के दौरान सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए पूरे नगर क्षेत्र को पांच जोन और 54 सेक्टर में बांटा गया है। प्रशासन के अनुसार, 364 स्थायी शौचालय और 579 प्री-फैब्रिकेटेड अस्थायी शौचालय तैयार किए जा रहे हैं। इसके अलावा 134 स्नानागार और 74 चेंजिंग रूम की व्यवस्था भी होगी। सड़क सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम की ओर से 53 पथों और पथ निर्माण विभाग की ओर से 35 मुख्य सड़कों की मरम्मत कराई जा रही है। पेयजल के लिए 280 चापाकल, 54 प्याऊ, 890 नल, 22 वॉटर टैंकर और दो वॉटर एटीएम मेला क्षेत्र में उपलब्ध रहेंगे। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 73 स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। इनमें 125 डॉक्टर, 178 पैरामेडिकल स्टाफ और 52 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तैनात रहेंगे।

फ्री रिंग बस और ई-रिक्शा, घाटों पर SDRF की तैनाती
श्रद्धालुओं के आवागमन को आसान बनाने के लिए 50 रिंग बसों और 150 ई-रिक्शा का संचालन निशुल्क किया जाएगा। बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं को स्काउट-गाइड, NSS और NCC के स्वयंसेवक व्हीलचेयर की सहायता से पिंडवेदी तक पहुंचाने में मदद करेंगे। डाक विभाग की ओर से विशेष पितृपक्ष कवर लिफाफा जारी किया जाएगा। इसके अलावा मेला क्षेत्र में डाककर्मी माइक्रो-एटीएम के साथ मौजूद रहेंगे, जिससे श्रद्धालुओं को नकद निकासी की सुविधा मिल सके। सुरक्षा व्यवस्था के तहत SDRF की टीम तालाबों और घाटों पर तैनात रहेगी। किसी भी आपात स्थिति में मदद के लिए 24 घंटे हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम भी संचालित किया जाएगा। इस तरह इस बार गयाजी पितृपक्ष मेले में तकनीक, आवासन, भोजन, स्वास्थ्य, स्वच्छता, परिवहन और सुरक्षा—सभी मोर्चों पर विशेष व्यवस्था करने की तैयारी है।
यह भी पढ़ें: Sisai Illegal Liquor Raid: सिसई में अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, छह गिरफ्तार; 50 लीटर चुल्लू शराब जब्त


















