Bihar Fasal Sahayata Yojana: बिहार के किसानों के लिए राहत की खबर है। सहकारिता विभाग के मंत्री राम कृपाल यादव ने बिहार राज्य फसल सहायता योजना के तहत खरीफ 2024 मौसम के 1,17,708 लाभुक किसानों के बैंक खातों में 104 करोड़ 46 लाख 46 हजार 405 रुपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित की। यह भुगतान सत्यापन के बाद सहायता के लिए पात्र पाए गए किसानों को किया गया है। इस अवसर पर मंत्री ने बताया कि खरीफ 2024 के प्राप्त आवेदनों के सत्यापन के बाद 714 पंचायतों के कुल 1,17,708 किसानों को सहायता राशि के लिए योग्य पाया गया। कार्यक्रम के दौरान नौ चयनित किसानों को सांकेतिक रूप से चेक भी प्रदान किए गए।
फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को आर्थिक मदद
बिहार राज्य फसल सहायता योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदा या अन्य कारणों से फसल की उपज में कमी होने पर किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। सरकार के अनुसार यह योजना किसानों को फसल खराब होने की स्थिति में आर्थिक संकट से उबरने और अगली फसल के लिए कृषि कार्य जारी रखने में मदद करती है। इस योजना की खास बात यह है कि किसानों को इसके लिए किसी तरह का प्रीमियम नहीं देना पड़ता। योजना का संचालन पूरी तरह राज्य सरकार की निधि से किया जा रहा है।
खरीफ 2026 के लिए 31 अक्टूबर तक आवेदन
मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि मौजूदा समय में बाढ़ से प्रभावित किसानों के लिए यह योजना काफी महत्वपूर्ण है। खरीफ 2026 में फसल क्षति से प्रभावित पात्र किसानों को भी योजना का लाभ दिया जाएगा। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें और 31 अक्टूबर 2026 तक अपना आवेदन कर दें। समय पर आवेदन करने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत किसानों की पात्रता और फसल क्षति से संबंधित जानकारी का सत्यापन किया जाएगा।

फसल क्षति पर कितनी मिलेगी सहायता?
योजना के तहत वास्तविक उपज में थ्रेसहोल्ड उपज की तुलना में 20 प्रतिशत तक की क्षति होने पर किसानों को 7,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता दी जाती है। अधिकतम दो हेक्टेयर क्षेत्र के लिए किसान को कुल 15,000 रुपये तक की सहायता मिल सकती है। वहीं, यदि फसल की क्षति 20 प्रतिशत से अधिक होती है, तो सहायता की दर 10,000 रुपये प्रति हेक्टेयर है। अधिकतम दो हेक्टेयर के लिए इस स्थिति में किसान को 20,000 रुपये तक की सहायता राशि दी जाती है। सहायता की राशि पात्र किसानों के आधार से जुड़े बैंक खातों में डीबीटी के जरिए सीधे ट्रांसफर की जाती है।

खरीफ 2024 में इन फसलों को किया गया था अधिसूचित
खरीफ 2024 मौसम के लिए धान और मकई को पंचायतस्तरीय फसल के रूप में अधिसूचित किया गया था। इसके अलावा सोयाबीन, आलू, बैंगन, टमाटर और गोभी को जिलास्तरीय फसल के तौर पर शामिल किया गया था। वहीं, रबी 2024-25 मौसम के लिए भी पात्र किसानों को सहायता राशि देने की प्रक्रिया चल रही है। उपज दर से जुड़े आंकड़ों के आधार पर योग्य ग्राम पंचायतों के आवेदक किसानों द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों का सत्यापन जिला स्तरीय समन्वय समिति यानी DLCC के स्तर पर कराया जा रहा है। सत्यापन पूरा होने के बाद पात्र और भुगतान के लिए अनुशंसित किसानों को भी सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। कार्यक्रम के दौरान सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह, निबंधक सहयोग समितियां रजनीश कुमार सिंह सहित विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।




















