गया: तुमको पता नहीं है कि यहां मुख्यमंत्री का रिश्तेदार बैठा हुआ है बोलने वाले दारोगा पर रविवार को गाज गिर गया। रविवार को Gaya के आमस थानाध्यक्ष का एक ऑडियो वायरल हुआ था जिसमें वे एक शिकायतकर्ता को लगातार भद्दी गालियां दे रहे हैं। वे इतने पर ही नहीं रुके बल्कि उन्होंने पूर्व मंत्री मुकेश सहनी को लेकर भी कई अपशब्द का प्रयोग किया था।
मामले को लेकर रविवार को ही गया के एसएसपी ने जांच का आदेश दिया था फिर रविवार को ही गया पुलिस के एक्स पोस्ट में जानकारी दी गई कि आरोपी थानाध्यक्ष इंद्रजीत कुमार के अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए ऑडियो वायरल होने के बाद गया आईजी से निलंबन और अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। तत्काल उन्हें मौखिक आदेश के आधार पर पुलिस लाइन में हाजिर कर दिया गया है। वहीं मुकेश सहनी की पार्टी ने आरोपी दारोगा को सेवा से बर्खास्त करने की मांग डीजीपी से की है।
पूरा मामला
दरअसल वीआईपी के गया के एक प्रखंड के प्रखंड अध्यक्ष की बीते दिनों बाइक चोरी हो गई थी जिसका मामला उन्होंने आमस थाना में दर्ज कराई थी। मामले में कार्रवाई तेजी से करने के लिए पीड़ित ने वीआईपी के युवा प्रदेश अध्यक्ष से थानाध्यक्ष को फोन करवाया जिसके साथ थानाध्यक्ष की बहस हो गई। फिर पीड़ित जैसे ही थाना पर मामले में कार्रवाई की जानकारी लेने पहुंचा दारोगा ने उसे गालियां देना शुरू कर दिया।
उसने उसे गाली देते हुए पूर्व मंत्री मुकेश सहनी के खिलाफ भी कई अभद्र भाषा का प्रयोग किया था और अपने आप को मुख्यमंत्री का रिश्तेदार बताया था। पीड़ित ने पूरे वाकया को रिकॉर्ड कर लिया जिसका ऑडियो बाद में वायरल हो गया। ऑडियो वायरल होने के बाद गया के एसएसपी आशीष भारती ने जांच के आदेश दिए और फिर अब आरोपी थानाध्यक्ष पर कार्रवाई की गई।
वीआईपी ने राज्य की कानून व्यवस्था पर उठाया सवाल
मामले में वीआईपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता देवज्योति ने डीजीपी से आरोपी दारोगा को सेवा से बर्खास्त करने की मांग की है। वहीं उन्होंने कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा किया और कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था नहीं है। थानेदार तक किसी की नहीं सुनता है। थानेदार जब एक जनप्रतिनिधि की बात नहीं सुनता है तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि आम जनता की क्या हालत होगी।
पुलिस को शराब पकड़ने में लगा दिया है
वीआईपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता देवज्योति ने कहा कि राज्य की पुलिस को शराब पकड़ने में लगाया गया है। कानून व्यवस्था को ठीक करने के लिए कोई काम नहीं किया जा रहा है। राज्य में आपराधिक घटनाओं में कोई कमी नहीं हो रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब समीक्षा बैठक करते हैं तो उसमें न डीजीपी पहुंचते हैं न एडीजी लॉ एंड ऑर्डर। अगर यही हालत रही तो निश्चित है कि आगामी विधानसभा चुनाव में जनता सीएम नीतीश कुमार को उखाड़ फेंकेगी।
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गया से आशीष कुमार की रिपोर्ट
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