मुंगेर : ये प्लास्टिक नहीं- मुंगेर के तारापुर के डीलर के द्वारा दिए गए चावल में प्लास्टिक चावल
मिलने की बात को ले लाभुकों में अफरा तफरी मच गई. लोगों के अनुसार जब
उन्होंने डीलर से मिले चावल को पकाया तो कई दाने नहीं पके और
जो देखने में प्लास्टिक के चावल जैसे दिखा. वहीं इस बात को ले एमओ ने बताया कि
यह प्लास्टिक चावल नहीं बल्की फोर्टीफाइड चावल है.

लाभुकों में मचा हड़कंप
दरअसल मुंगेर के तारापुर अनुमंडल कार्यालय पदाधिकारी आवास के समीप फजेलीगंज गोढ़ी टोला में राशन के खाद्यान्न को लेकर अफरा तफरी मच गई. 21 लाभुकों में उस समय हड़कंप मच गया, जब घर में चावल बनाया गया तो कुछ चावल पका ही नहीं. लाभुक बतासिया देवी, आरती देवी, अनिता देवी ने मीडियाकर्मियों को बताया कि 49 किलो, 48 किलो एवं 63 किलो चावल दिया गया था. डीलर द्वारा दिए गए चावलों में एक किलो चावल में लगभग 50 से 100 ग्राम चावल पका नहीं, और देखने में प्लास्टिक जैसा लगा.

अधिकारियों ने प्लास्टिक का चावल होने से किया इनकार
सूचना पर एमओ तारापुर राहुल कुमार एवं असरगंज के एमओ लोकेश कुमार ठाकुर भी जांच के लिए पहुंचे. जांचोपरांत अधिकारियों ने प्लास्टिक का चावल होने की बात से इनकार किया. और कहा कि जागरूकता की आवश्यकता है. सरकार के द्वारा इसी माह से फोर्टीफाइड चावल दिया जा रहा है. यह एक प्रतिशत ही रहता है. फोर्टीफाइड राइस में जो एक प्रतिशत मिलाया जाता है, उसे पीसकर उसमें पोषक तत्व की मात्रा बढ़ाई जाती है. चावल में मिलाकर उसे डिस्पैच किया जाता है.
ये प्लास्टिक नहीं: लोगों को किया जा रहा जागरूक
अधिकारी ने बताया कि यह पहली बार आ रहा है. इससे उपभोक्ताओं को लगता है कि प्लास्टिक चावल है. इसके लिए जागरूक किया जा रहा है. यह सही है कि इसका प्रचार प्रसार लाभुकों के बीच जिस स्तर पर होना चाहिए था वह नहीं हुआ है. इसका व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाएगा. जिससे लोगों के संदेह को दूर किया जा सके. यह प्लास्टिक चावल नहीं है.
रिपोर्ट: अमृतेश सिन्हा
Highlights







