विश्वकर्मा पूजा का शुभ मुहूर्त इस बार 17 सितंबर को कुल 5.36 घंटे का

डिजीटल डेस्क : विश्वकर्मा पूजा का शुभ मुहूर्त इस बार 17 सितंबर को कुल 5.36 घंटे का। भद्रा काल लगने की वजह से इस साल विश्वकर्मा पूजा के लिए सीमित समय सीमा रहेगी। दोपहर को भद्रा काल लग रहा है। मान्यता है कि भद्राकाल के दौरान पूजा नहीं करनी चाहिए क्योंकि इससे नकारात्मकता बढ़ती है।

ऐसे में इस वर्ष 17 सितंबर की सुबह 6 बजकर 7 मिनट से लेकर दिन के 11 बजकर 43 मिनट तक विश्वकर्मा पूजा किया जा सकेगा। इस लिहाज से साल 2024 में विश्वकर्मा पूजा का शुभ मुहूर्त कुल 5 घंटे 36 मिनट का होगा। यानी इसी दौरान ईश्वर की पूजा का लाभ प्राप्त होगा।

16 नहीं, 17 सितंबर को ही होगी विश्वकर्मा पूजा

विश्वकर्मा पूजा की बात करें तो साल 2024 में इसकी तिथि और घड़ी एकदम नजदीक आ गई है। हर साल विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर को मनाई जाती है। ऐसे में कतिपय विद्वानों के हवाले से कुछ लोग पूजन तिथि को लेकर भ्रम में हैं।

पारंपरिक शास्त्रीय विधि से विश्वकर्मा पूजा की बात करें तो भाद्रपद महीने में सूर्य जब कन्या राशि से निकलता है और सिंह राशि में प्रवेश कर जाता है तो ऐसे में विश्वकर्मा पूजा मनाई जाती है। साल 2024 की बात करें तो इस साल सूर्य, 16 सितंबर को शाम के वक्त 7 बजकर 29 मिनट पर कन्या राशि में प्रवेश करेंगे।

ऐसे में विश्वकर्मा जयंती 17 सितंबर के दिन मनाई जाएगी। विश्वकर्मा पूजा की बात करें तो भगवान विश्वकर्मा को अस्त्र-शस्त्र का देव माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि उन्होंने ही भगवान शिव का त्रिशूल और भगवान विष्णु का सुदर्शन चक्र बनाया था। ये भी माना जाता है कि उन्होंने कई सारे पौराणिक शहर भी बसाए।

भगवान विवश्वकर्मा का पूजन करते पीएम मोदी की फाइल फोटो
भगवान विवश्वकर्मा का पूजन करते पीएम मोदी की फाइल फोटो

विश्वकर्मा पूजा के दौरान कुछ बातों का रखें ख्याल, खूब होगा लाभ

इस दिन को यंत्रों के देवता विश्वकर्मा के जन्म के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन देशभर के कारखानों में भगवान विश्वकर्मा की पूजा बड़े धूम-धाम से की जाती है। भगवान विश्वकर्मा को पहले इंजीनियर के तौर पर जाना जाता है। इसीलिए इस दिन अस्त्र और शस्त्र की पूजा की जाती है।

पंचांग की मानें तो हर साल कन्या संक्रांति पर भगवान विश्वकर्मा की पूजा की जाती है। रवि योग तब बनता है जब चंद्रमा और सूर्य के नक्षत्र में बदलाव देखने को मिलते हैं।

इस दिन सूर्यदेव की पूजा करने से बहुत लाभ होता है और सुख-समृद्धि में भी बढ़ावा होता है। रवि योग के बारे में कहा जाता है कि ये मनुष्य के सभी दोषों का नाश कर देता है और इस योग के लोगों को फल प्राप्ति भी जल्दी मिलती है।

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