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CUJ के दो प्रोफेसरों को आईसीएसएसआर से 11 लाख रुपये का अनुदान मिला

Ranchi : भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) द्वारा प्रोफेसर तपन कुमार बसंतिया, शिक्षा विभाग, झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय (CUJ) को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी और दो सप्ताह का कैपेसिटी डेवलेपमेंट प्रोग्राम (क्षमता निर्माण कार्यक्रम – -सीबीपी) आयोजित करने के लिए 11 लाख रुपये का अनुदान दिया गया है। राष्ट्रीय संगोष्ठी के आयोजन के लिए 3 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया है, जबकि क्षमता निर्माण कार्यक्रम के आयोजन के लिए 8 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया है। झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र एवं विकास अध्ययन विभाग में सहायक प्रोफेसर डॉ. संहिता सुचारिता, क्षमता निर्माण कार्यक्रम की सह-निदेशक हैं।

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राष्ट्रीय संगोष्ठी का विषय है “रीईमाजिनिंग टीचर एंड टीचर एजुकेशन एस पर द विजन ऑफ नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020: पर्सपेक्टिव्स फ्रॉम इंडियन नॉलेज ट्रेडीशन टू ग्लोबल डिस्कोर्स ऑन एजुकेशन” (‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के दृष्टिकोण के अनुसार शिक्षक और शिक्षक शिक्षा की पुनर्कल्पना: भारतीय ज्ञान परंपराओं से लेकर शिक्षा पर वैश्विक विमर्श तक के परिप्रेक्ष्य’)। प्रो. बसंतिया ने बताया कि यह संगोष्ठी देश के शिक्षकों और शिक्षा प्रणाली को एक ओर भारतीय ज्ञान परंपराओं के परिप्रेक्ष्य से और दूसरी ओर शिक्षा पर वैश्विक विमर्श से उन्मुख और उन्नत करने का मार्ग प्रशस्त करेगी, ताकि शिक्षक भारतीय संस्कृति और परंपराओं को आत्मसात कर भविष्यदर्शी बन सकें।

कार्यक्रम मात्रात्मक और गुणात्मक अनुसंधान रणनीतियों की गहन समझ प्रदान करेगा-प्रोफेसर बसंतिया

यह सेमिनार शिक्षक और शिक्षा पर एनईपी (NEP) 2020 की सिफारिशों के अनुरूप देश के विकास (विकसित भारत) की व्यापक संभावनाओं को प्राप्त करने के लिए उत्प्रेरक की तरह होगा। क्षमता निर्माण कार्यक्रम “क्वांटिटेटिव एंड क्वालिटेटिव रिसर्च मेथड्स इन सोशल साइंसेज” (‘सामाजिक विज्ञान में मात्रात्मक और गुणात्मक अनुसंधान पद्धतियां’) विषय पर आधारित होगा और यह सामाजिक विज्ञान विषयों और उनके संबद्ध विषयों में युवा संकाय सदस्यों (व्याख्याताओं/सहायक प्रोफेसरों) के लिए प्रस्तावित है।

प्रोफेसर बसंतिया ने कहा, यह कार्यक्रम मात्रात्मक और गुणात्मक अनुसंधान रणनीतियों की गहन समझ प्रदान करेगा, जिसमें अनुसंधान के लिए मिश्रित तरीके/दृष्टिकोण, अनुसंधान प्रस्ताव तैयारी/डिजाइन, डेटा विश्लेषण और प्रस्तुति शैली, और सामाजिक विज्ञान अनुसंधान के क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाले शोध पत्र/लेख/पुस्तकें प्रकाशित करने के लिए अकादमिक लेखन शामिल हैं।

प्रो. बसंतिया ने इस सफलता के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. क्षिति भूषण दास के निरंतर प्रोत्साहन और मार्गदर्शन को धन्यवाद दिया। इसके अलावा, डॉ. बसंतिया ने इस उपलब्धि में सहयोग के लिए विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री के. के. राव, अन्य अधिकारियों और संकाय सदस्यों का भी आभार व्यक्त किया।

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