एडमिट कार्ड नही मिलने पर छात्रों का हंगामा, प्रधानाध्यापक पर लापरवाही का लगाया आरोप
मोतिहारी : जिले के कल्याणपुर प्रखंड स्थित उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय दरमाहा के 71 छात्र-छात्राओं को मैट्रिक परीक्षा का एडमिट कार्ड नहीं मिला है। प्रधानाध्यापक की कथित लापरवाही के कारण इन छात्रों का भविष्य अधर में है। प्रवेश पत्र न मिलने से नाराज छात्र-छात्राओं ने विद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया।
छात्रों ने लगाई न्याय की गुहार
प्रदर्शन के दौरान छात्र-छात्राएं अपने रजिस्ट्रेशन नंबर हाथ में लेकर न्याय की मांग कर रहे थे। छात्रों का कहना है कि उन्होंने समय पर रजिस्ट्रेशन कराया था और विद्यालय द्वारा मांगी गई सभी फीस भी जमा कर दी थी, इसके बावजूद उन्हें प्रवेश पत्र नहीं दिए गए। छात्रों ने स्पष्ट किया कि इसमें उनकी कोई गलती नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह से विद्यालय प्रबंधन की चूक है।
छात्रों-अभिभावकों ने किया विरोध में आवागमन किया बाधित
विद्यालय से कुल 127 छात्र-छात्राओं ने मैट्रिक परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें से 71 का प्रवेश पत्र अब तक जारी नहीं हुआ है। छात्र-छात्राओं ने बताया कि पिछले दस दिनों से उन्हें “आज-कल” कह कर टाला जा रहा है, जबकि मैट्रिक परीक्षा 17 फरवरी से शुरू होने वाली है। प्रदर्शन में पूजन कुमार, टूनटून कुमार, कुंदन कुमार, पवन कुमार, प्रेम कुमार, करीना कुमारी, रश्मि कुमारी, प्रीति, मुस्कान, जूली, खुशबू सहित कई छात्र-छात्राएं शामिल थे।
मामले से असंतुष्ट छात्र-छात्राओं और अभिभावकों ने बलीबेलवा पुल को जाम कर दिया, जिससे आवागमन बाधित हुआ। इससे पहले विद्यालय परिसर में रजिस्ट्रेशन फॉर्म के साथ भी प्रदर्शन किया गया था। प्रशासन की मौजूदगी में अंचलाधिकारी रंधीर प्रसाद के आश्वासन के बाद जाम समाप्त कराया गया।
अधिकारियों ने जांच के बाद दिया कार्रवाई का भरोसा
इस संबंध में डीपीओ नित्यम गौरव ने बताया कि मामले की जांच कर प्रधानाध्यापक पर कार्रवाई के आदेश दिए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिन छात्र-छात्राओं का प्रवेश पत्र नहीं आया है, उन्हें विशेष परीक्षा में शामिल कराया जाएगा। हालांकि, छात्र-छात्राओं ने इसका विरोध करते हुए कहा कि जब उनकी कोई गलती नहीं है तो वे विशेष परीक्षा क्यों दें, उन्हें मुख्य परीक्षा में ही शामिल किया जाए। वहीं, बीईओ विनय कुमार तिवारी ने बताया कि मामले की जांच जारी है। अंचलाधिकारी ने भी प्रथम दृष्टया प्रधानाध्यापक की लापरवाही मानी है।
सोहराब आलम की रिपोर्ट
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