अररिया : अररिया में किसान खाद और उर्वरक की किल्लत और कालाबाजारी को लेकर परेशान है. वहीं दूसरी ओर जिला कृषि पदाधिकारी सुधीर कुमार ने पुलिस की निगरानी में खाद किसानों को उपलब्ध कराने का दावा कर रही है. उन्होंने यूरिया आपूर्ति को लेकर किसानों से ज्यादा पैनिक नहीं होने की सलाह दी. उन्होंने बताया कि जिले में एक निश्चित भू-भाग में निर्धारित मात्रा से अधिक उर्वरकों का इस्तेमाल हो रहा है, जो मिट्टी की सेहत और लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है. खेत मे अधिक रासायनिक उर्वरक डालने से खेतों की उर्वरा शक्ति समाप्त हो जाती है और उत्पादन क्षमता घट जाता है. उन्होने बताया कि उर्वरक की कालाबाजारी को रोकने के लिए विभाग के निर्देश पर रबी मौसम में 422 स्थानों पर छापेमारी की गई और एक थोक विक्रेता और 7 खुदरा विक्रेताओं के लाइसेंस भी रद्द किया गया है. 29 उर्वरक विक्रेताओं से स्पष्टीकरण भी पूछे गए हैं. दो विक्रेताओं के लाइसेंस पर रोक लगाए गए है. नैनो यूरिया को विकल्प के रूप में इस्तेमाल के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि जिले को रबी सीजन में औसतन 47.78 फीसदी डीएपी और लगभग 37.81 फीसदी यूरिया कम प्राप्त हुआ है. उन्होंने नैनो यूरिया को विकल्प के तौर पर इस्तेमाल करने का आह्वान किया. उन्होनें कहा कि यूरिया की जगह नैनो यूरिया प्रयोग करने से न सिर्फ पैसे की बचत होगी बल्कि किसानों का उपज भी अच्छा होगा. उन्होंने जैविक विधि से खेती करने के लिए किसानों को प्रेरित किया.
रिपोर्ट : राकेश


















