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Utpad Sipahi परीक्षा गड़बड़ी मामले में भाजपा ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन, सीबीआई जांच की रखी मांग

Jharkahnd: आज रांची लोक भवन (झारखंड) में राज्यपाल संतोष गंगवार से भाजपा के 9 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल द्वारा मुलाकात कर Utpad Sipahi प्रतियोगी परीक्षा में हुई धांधली तथा झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) और झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा लगातार हो रही गड़बड़ियों के विरुद्ध सात सूत्री मांगों के साथ ज्ञापन सौंपकर CBI जांच की मांग की गई।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, प्रदेश महामंत्री (संगठन) कर्मवीर सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, भानु प्रताप शाही, बालमुकुंद सहाय, मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल, विधायक सी.पी. सिंह तथा प्रदेश प्रवक्ता अमित मंडल प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे।

भाजपा ने राज्यपाल को दिए ज्ञापन में लिखा कि आप अवगत होंगे ही कि झारखंड एक बार फिर पेपर लीक जैसे गंभीर मामले से कलंकित हुआ है। मामला झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की 12 अप्रैल, 2026 को हुए उत्पाद सिपाही परीक्षा में पेपर लीक से जुड़ा है। समाचार पत्रों में भी यह गंभीर मामला प्रमुखता से प्रकाशित भी हुआ है। हमारी पार्टी इसी गंभीर मामले की तरफ आपका ध्यान आकृष्ट कराना चाहेगी।

तमाड़ के एक निर्माणाधीन भवन में परीक्षा माफियाओं द्वारा प्रश्न पत्र के उत्तर रटवाने सहित अन्य गड़बड़ी करने की बात सामने आई है। इस मामले में 150 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है। इस दौरान कंप्यूटर, प्रिंटर, लैपटाॅप, संदिग्ध प्रश्नपत्र, नोट्स, कई गाड़ियों की बरामदगी की बात सामने आ रही है। इतना ही नहीं, बताया तो यह भी जा रहा है कि परीक्षा गैंग द्वारा अभ्यर्थियों के मोबाईल फोन, एडमिट कार्ड भी जब्त कर लिये गये थे। वहीं अभ्यर्थियों से एडवांस के तौर पर चेक भी लेने की बात सामने आ रही है। साथ ही हर अथ्यर्थी से 15-15 लाख रूपये में सौदा तय करने की बात का भी खुलासा हो चुका है।

राज्य के आठ जिलों में 370 केन्द्रों पर 583 पदों के लिए यह परीक्षा आयोजित थी। जिसमें 1,48,224 अथ्यर्थी शामिल हो रहे थे। स्वाभाविक है कि जब एक केंद्र पर जब 150 से अधिक गिरफ्तारी हुई है तो शेष केन्द्रों पर भी माफियाओं की टीम सक्रिय रही होगी। निश्चित रूप से उन केन्द्रों पर भी इस प्रकार की गड़बडियों की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।

बावजूद जेएसएससी इतनी चीजों की बरामदगी, तमाम खुलासे, 150 से अधिक गिरफ्तारी  के बावजूद इस परीक्षा में पेपर लीक होने की बात से साफ इंकार कर रहा है। जेएसएससी के इस रूख से दाल में कुछ न कुछ काला नजर आना स्वाभाविक है।

झारखंड के माथे पर ‘पेपर लीक’ का यह कोई पहला काला दाग नहीं है। हेमंत सरकार के पूर्व व वर्तमान कार्यकाल में आयोजित परीक्षाओं में हुई कथित गड़बडियों की एक लंबी फेहरिस्त है। राज्य के लाखों मेहनती युवाओं के सपनों को इस सरकार में बेरहमी से कुचला जा रहा है। यह सरकार नौकरियां नहीं दे रही, बल्कि खुलेआम युवाओं का भविष्य नीलाम कर रही है। जेपीएससी, जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा का पेपर लीक पूर्व में हो चुका है। यह पूर्व में ही खुलासा हो चुका है कि नेपाल, राँची, हजारीबाग, और राँची के मंत्री रेजिडेंसी, नियामतपुर व अन्य जगहों पर प्रश्नों के उत्तर रटवाये गये थे। विडम्बना है कि JSSC CGL पेपर लीक प्रकरण में जिन अधिकारियों और शिक्षकों ने साहस दिखाते हुए भ्रष्टाचार का पर्दाफाश किया था, सीआईडी की गाज उन पर ही गिर चुकी है। जिन्होंने सबूतों के साथ घोटाले को उजागर किया, उन्हें गिरफ्तार किया गया। जबकि असली दोषी खुलेआम घूमते रहे हैं। पूर्व में पेपर लीक की जांच कर रही CID की पूरी टीम को जांच के दौरान दो बार बदला गया। जिस पर न्यायालय ने भी सख्त आपत्ति भी जताई थी। राज्य सरकार के इन्हीं सभी रवैये के कारण आशंका बलबती होती है कि कहीं न कहीं, सरकार और प्रशासन के संरक्षण में युवाओं और छात्रों के सपनों को रौंदने वाले गिरोह फल-फूल रहे हैं। हद तो यह है कि यहां मैट्रिक की परीक्षा का भी पेपर लीक हो गया है। इस कारण जैक को साइंस और हिंदी का पेपर तक रद्द करना पड़ा है।

जेएसएससी और प्रशासन अपनी नाकामी छुपाने के लिए कहीं अलग कहानी तो नहीं गढ़ रहा है ? पूर्व के प्रतियोगी व अन्य परीक्षाओं में पेेपर लीक की घटना को देखते हुए इस संभावना से कतई इनकार नहीं किया सकता है। जो स्थिति है कि राज्य की पुलिस और एजेंसी से कतई न्याय नहीं मिल सकता है। यह सर्वविदित है कि सरकार कुंभकर्णी निन्द्रा से तभी जगती है जब लोकभवन या हाईकोर्ट का डंडा चलता है। इसलिए इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाय, इसके लिए सीबीआई के द्वारा इस मामले की उच्च स्तरीय जांच जरूरी है।

भारतीय जनता पार्टी की मुख्य मांग है कि :-

हाल ही में हुई Utpad Sipahi परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले की सीबीआई से उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।

पेपर लीक में संलिप्त पेपर माफिया, Solver Gang आयोजन एजेंसी एवं संबंधित आयोग (JSSC) के बीच संभावित सांठगांठ की गहन जांच कराई जाए।

पुलिस द्वारा चिन्हित Solver Gang के नेटवर्क की जांच अंतर्राज्यीय स्तर पर कर इसके पूरे तंत्र का खुलासा किया जाए।

इस अनियमितता से प्रभावित लगभग 3 लाख अभ्यर्थियों के साथ हुए अन्याय को ध्यान में रखते हुए दोषियों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

JPSC द्वारा आयोजित परीक्षाओं में भी पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान कर कार्रवाई की जाए।

विगत 6 वर्षों में JSSC एवं JPSC द्वारा आयोजित सभी प्रमुख परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराई जाए ताकि बार-बार हो रही गड़बड़ियों पर स्थायी रोक लग सके।

भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृति रोकने हेतु परीक्षा प्रणाली में सख्त एवं पारदर्शी सुधार लागू किए जायें।

अतएव, महोदय आपसे विनम्र निवेदन है कि आप उपरोक्त मामले में सीबीआई जांच कराने का आदेश देने की कृपा करें, ताकि मामले में दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। राज्य के लाखों नौजवानों को न्याय मिल सके और इनकी मेहनत बेकार नहीं हो।

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