Vidyarthi Sahayog Shivir Bihar: बिहार के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक मार्गदर्शन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने डिजिटल शिक्षा की दिशा में नई पहल शुरू की है। ‘बिहार विद्या साथी’ इंटरैक्टिव प्लेटफॉर्म के माध्यम से विद्यार्थियों को घर बैठे पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं का समाधान और व्यक्तिगत शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया। इस पहल से करीब 3 लाख विद्यार्थियों को लाभ मिलने की बात कही गई है, जबकि 75 हजार शिक्षक ऑनलाइन शैक्षणिक सहयोग के लिए उपलब्ध रहेंगे।
24×7 ऑनलाइन शिक्षक, अपनी पसंद के टीचर से पढ़ने की सुविधा
‘बिहार विद्या साथी’ की खासियत यह है कि कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को 24 घंटे लाइव शिक्षक उपलब्ध रहेंगे। विद्यार्थी अपनी आवश्यकता और पसंद के अनुसार शिक्षक का चयन कर सकते हैं और वन-टू-वन संवाद के माध्यम से पढ़ाई कर सकेंगे। पढ़ाई के दौरान किसी पाठ या विषय को समझने में परेशानी होने पर विद्यार्थियों को ऑनलाइन सहायता मिलेगी। इस सुविधा का उद्देश्य छात्रों को पढ़ाई के दौरान आने वाली शैक्षणिक समस्याओं का त्वरित समाधान उपलब्ध कराना है।
छात्राओं के लिए घर बैठे पढ़ाई का विकल्प
डिजिटल शिक्षा की यह सुविधा खासकर उन छात्राओं के लिए उपयोगी हो सकती है, जिन्हें नियमित कोचिंग या निजी ट्यूशन की सुविधा नहीं मिल पाती। घर से पढ़ाई करने की सुविधा मिलने से विद्यार्थियों को अपनी जरूरत के अनुसार अध्ययन करने और शिक्षकों से मार्गदर्शन लेने का अवसर मिलेगा। छात्रा नवी ठाकुर ने कहा कि यह पहल उन विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है, जिन्हें हर विषय के लिए अलग से ट्यूशन या कोचिंग लेना संभव नहीं है। उनके अनुसार, पढ़ाई से जुड़े संसाधन और मार्गदर्शन एक ही मंच पर मिलने से परीक्षा की तैयारी में मदद मिल सकती है।
छात्राओं ने किया ऐप का डेमो
कार्यक्रम के दौरान ‘बिहार विद्या साथी’ ऐप पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय, शास्त्री नगर की छात्राओं जाह्नवी और जिया ने ऐप के इस्तेमाल का डेमो प्रस्तुत किया। दोनों छात्राओं ने प्लेटफॉर्म के माध्यम से मिलने वाली सुविधाओं और इसके संभावित लाभों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार भी जताया।
डिजिटल शिक्षा से सरकारी स्कूल के छात्रों को फायदा
प्रीति कुमारी ने कहा कि आज के समय में पढ़ाई के लिए सही अध्ययन सामग्री और मार्गदर्शन जरूरी है। उनके अनुसार, घर बैठे पढ़ाई से जुड़ी सामग्री और शिक्षकों का मार्गदर्शन मिलना उन विद्यार्थियों के लिए मददगार हो सकता है, जिन्हें नियमित कोचिंग या ट्यूशन की सुविधा नहीं मिलती। ‘बिहार विद्या साथी’ के जरिए सरकार की कोशिश विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यम से शिक्षकों और शैक्षणिक संसाधनों से जोड़ने की है। इससे सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी अपनी पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं पर व्यक्तिगत मार्गदर्शन लेने का अवसर मिलेगा।


















