जमुई : जमुई जिले के झाझा प्रखंड अंतर्गत पेरगाहा पंचायत के सरैया उत्क्रमित मध्य विद्यालय में मध्याह्न भोजन (MDM) योजना को लेकर अनियमितता के गंभीर आरोप ग्रामीणों द्वारा लगाए गए हैं। स्थानीय निवासियों और स्कूल की रसोईया ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि बच्चों को कभी भी अंडा नहीं दिया गया है, जबकि मेनू के अनुसार, यह भोजन का हिस्सा होना चाहिए।
क्या है ग्रामीणों का आरोप?
ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय में बच्चों को भोजन के नाम पर केवल खिचड़ी, चावल और सब्जी में आलू-सोयाबीन ही दी जाती है। बच्चों को नियमित रूप से अंडा और फल जैसे पौष्टिक आहार नहीं मिलते। रसोईया ने भी बताया कि अब तक स्कूल में अंडा कभी पकाया ही नहीं गया, जबकि यह मध्याह्न भोजन योजना का हिस्सा है। विद्यालय में लगभग 70 बच्चों को भोजन खिलाया जाता है, जबकि उपस्थिति में 150 बच्चों की उपस्थिति दर्ज की जाती है।
प्रभारी प्रधानाध्यापक का जवाब
इस संबंध में विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक जितेंद्र कुमार पासवान ने इन आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि मध्याह्न भोजन मेनू के अनुसार ही दिया जाता है। उन्होंने कहा कि अगर किसी को लगता है कि मैं इस योजना को ठीक से नहीं चला पा रहा हूं, तो मैं पद छोड़ने के लिए तैयार हूं। उन्होंने कहा कि मध्याह्न भोजन के अलावा भी कई काम हैं और यदि किसी को जिम्मेदारी संभालनी हो, तो वह पद छोड़ने को भी तैयार हैं।
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शिक्षा विभाग की ओर से कार्रवाई की आवश्यकता
मध्याह्न भोजन योजना का उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है, ताकि उनकी शारीरिक और मानसिक विकास में सुधार हो सके। ग्रामीणों और कर्मचारियों के बयान इस योजना में अनियमितता और पारदर्शिता की कमी की ओर इशारा कर रहे हैं। शिक्षा विभाग को मामले की निष्पक्ष जांच कर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बच्चों को उनके अधिकारों के अनुसार पौष्टिक भोजन मिले और योजना का क्रियान्वयन सही तरीके से हो।
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ब्रह्मदेव प्रसाद यादव की रिपोर्ट
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