प्रयागराज : Crime- Free U.P. के लिए Yogi Cabinet ने दी अभियोजन निदेशालय के स्थापना को मंजूरी। महाकुंभ 2025 के दसवें दिन बुधवार को यहां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती नदियों के संगम यानि त्रिवेणी में पावन डुबकी लगाने से पहले यूपी की Yogi Cabinet ने CM Yogi आदित्यनाथ की अगुवाई में कई अहम फैसलों पर अपनी मुहर लगाई।
इन्हीं में से एक है Crime- Free U.P. के लिए अभियोजन निदेशालय के स्थापना को मंजूरी दिया जाना। Crime- Free U.P की संकल्पना को साकार करने के लिए Yogi Cabinet ने अभियोजन निदेशालय की स्थापना का निर्णय लिया है। महाकुम्भ नगर के अरैल स्थित त्रिवेणी संकुल में आयोजित Yogi Cabinet की बैठक में इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के लागू होने के दृष्टिगत प्रभावी एवं निष्पक्ष अभियोजन के लिए प्रदेश में एक स्वतंत्र अभियोजन निदेशालय स्थापित किया जाएगा, जिसमें एक अभियोजन निदेशक और राज्य सरकार द्वारा निर्धारित अभियोजन उपनिदेशक हो सकेंगे।
Yogi Cabinet का फैसला : हर जिले में खुलेगा जिला अभियोजन निदेशालय
मौजूदा अभियोजन निदेशालय का पूरा स्टाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 20 के अंतर्गत स्थापित अभियोजन निदेशालय के रूप में समामेलित हो जाएगा तथा भविष्य में नवस्थापित अभियोजन निदेशालय के लिए अलग से धनराशि आवंटित की जाएगी। प्रस्ताव के तहत प्रत्येक जिले में भी जिला अभियोजन निदेशालय स्थापित किया जाएगा।
अभियोजन निदेशालय का प्रमुख अभियोजन निदेशक होगा, जो राज्य में गृह विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण के लिए कार्य करेगा। कोई व्यक्ति अभियोजन निदेशक के रूप में नियुक्ति के लिए तभी पात्र होगा, यदि वह अधिवक्ता या अभियोजन के रूप में कम से कम 15 वर्ष तक व्यवसाय में रहा हो, या सेशन न्यायधीश रहा हो।
यह भी प्राविधान किया गया है कि किसी आपराधिक मामले में या भ्रष्टाचार के मामले में या फिर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में अक्षम पाया जाता है तो उसे राज्य सरकार उनके पद से तीन वर्ष की अवधि पूर्ण होने से पूर्व ही उसकी जिम्मेदारियों से मुक्त कर सकती है।

Yogi Cabinet का फैसला : सर्च कमेटी करेगी अभियोजन निदेशालय के निदेश का चयन
निदेशक अभियोजन उत्तर प्रदेश का चयन और नियुक्ति अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, गृह विभाग की अध्यक्षता तथा प्रमुख सचिव, न्याय एवं विधि परामर्शी, पुलिस महानिदेशक तथा उत्तर प्रदेश सचिव, गृह विभाग की सदस्यता वाली एक सर्च कमेटी द्वारा किया जाना प्रस्तावित है। निदेशक अभियोजन के चयन की प्रक्रिया सर्च कमेटी द्वारा स्वयं निर्धारित की जाएगी।
निदेशक अभियोजन उत्तर प्रदेश का न्यूनतम कार्यकाल तीन वर्ष का होगा। निदेशालय के मुख्यालय के लिए तथा उसके क्षेत्रीय कार्यालयों में तथा जिला कार्यालयों के लिए स्थाई एवं अस्थाई पदों को ज्य सरकार द्वारा सृजित किया जा सकेगा।
नई व्यवस्था को सफल एवं प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिला स्तर पर जिला मजिस्ट्रेट की प्रभावशाली भूमिका रहेगी और वह अभियोजन कार्यों तथा अभियोजन कार्यालय के अधिकारियों के कार्यों का पर्यवेक्षण एवं उसकी समीक्षा में पूर्ण रुचि लेंगे।

Yogi Cabinet का फैसला : यूपी में 62 आईटीआई होंगे अपग्रेड, 5 सीआईआईआईटी की स्थापना
महाकुंभ में हुई विशेष Yogi Cabinet की बैठक में टाटा टेक्नोलॉजी लि. (टीटीएल) के सहयोग से प्रदेश के 62 आईटीआई को अपग्रेड करने और 5 सीआईआईआईटी (सेंटर फॉर इनोवेशन, इन्वेंशन, इंक्यूबेशन एंड ट्रेनिंग) की स्थापना किए जाने के लिए सरकार एवं टीटीएल के मध्य एमओयू की भी मंजूरी दी गई।
एमओए के तहत परियोजना की कुल लागत 3634 करोड़ रुपए से ज्यादा है, जिसमें टीटीएल का योगदान 2851 करोड़, जबकि सरकार का योगदान 783 करोड़ से ज्यादा का रहेगा। एमओए की अवधि 11 वर्ष होगी, जिसमें एक वर्ष परियोजना क्रियान्वयन की तैयारी के लिए निर्धारित है। 10 वर्ष की अवधि पूरी होने के बाद दोनों पक्षों की आपसी सहमति से परियोजना को रिन्यू करने पर विचार किया जाएगा।
एमओए के तहत इंडस्ट्री 4.0 की मांग के अनुसार टीटीएल द्वारा 62 आईटीआई में 11 लांग टर्म एवं 23 शॉर्ट टर्म कोर्सेज चलाए जाएंगे। टीटीएल के प्रशिक्षकों द्वारा आईटीआई के प्रशिक्षकों और प्रशिक्षणरत प्रशिक्षणार्थियों को भी दक्ष किया जाएगा। सफल प्रशिक्षणार्थियों को टीटीएल की सहयोगी कंपनियों में अप्रेंटिसशिप व रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
इस प्रोजेक्ट के माध्यम से लांग टर्म कोर्सेज में प्रति वर्ष लगभग 6000 तथा शॉर्ट टर्म कोर्सेज से प्रति वर्ष लगभग 6500 समेत कुल 12500 अभ्यर्थी प्रशिक्षित होंगे।


















