प्रयागराज : महाकुंभ में डुबकी लगा CM Yogi ने की लोक कल्याण की कामना…। बुधवार को यहां महाकुंभ 2025 के मेला क्षेत्र में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती नदियों के संगम यानि त्रिवेणी में अपनी कैबिनेट संग CM Yogi आदित्यनाथ ने पावन डुबकी लगाई।त्रिवेणी में डुबकियां लगाने एवं पावन स्नान के क्रम में अपनी कैबिनेट संग CM Yogi आदित्यनाथ ने समूचे विश्व के कल्याण की कामना की।
संगम स्नान को भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म का प्रतीक बताते हुए इस मौके पर CM Yogi ने कहा कि – ‘यह स्नान आत्मिक शांति, धार्मिक समर्पण और समाज कल्याण का संदेश देता है। त्रिवेणी संगम का स्नान केवल व्यक्तिगत शुद्धि नहीं, बल्कि समग्र लोक कल्याण का आह्वान है।
..महाकुम्भ 2025 के इस दिव्य आयोजन में दुनिया भर से करोड़ों श्रद्धालु आ रहे हैं और संगम में पावन डुबकी लगा रहे हैं. यह स्नान धर्म, संस्कृति और आस्था का संदेश देता है। यह न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि लोक कल्याण और आत्मशुद्धि का पवित्र आह्वान भी है।
…महाकुम्भ भारतीय संस्कृति की दिव्यता और सार्वभौमिकता का प्रतीक है। संगम स्नान से जनमानस को यह संदेश मिलता है कि धर्म और संस्कृति की शक्ति से जीवन में शुद्धता और समृद्धि लाई जा सकती है’।
महाकुंभ के दसवें दिन संगम में उतरी पूरी Yogi सरकार
बता दें कि त्रिवेणी संगम वह पवित्र स्थल है, जहां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का मिलन होता है। इसे मोक्ष प्राप्ति और आत्मा की शुद्धि का केंद्र माना जाता है। शास्त्रों में संगम स्नान को सभी पापों से मुक्त करने और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग बताया गया है। इसी क्रम में CM Yogi आदित्यनाथ और उनके मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों ने सबसे पहले अरैल स्थित त्रिवेणी संकुल में पूजा-अर्चना की।
तत्पश्चात, मोटरबोट के माध्यम से संगम पहुंचकर विधिवत मंत्रोच्चार और हवन के साथ स्नान संपन्न किया। CM Yogi के साथ दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह,कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, लक्ष्मी नारायण चौधरी, धर्मपाल और अनिल राजभर सहित सभी 21 मंत्रियों और बाकी स्वतंत्र प्रभार वाले और राज्यमंत्रियों ने विधिवत संगम में स्नान और पूजन किया।

संगम स्नान से Yogi सरकार ने दिया महाकुम्भ और सनातन संस्कृति का वैश्विक संदेश…
‘यत्र गङ्गा च यमुना, सरस्वती च पुण्यदा / स्नानेन तत्र तीर्थे, मोक्षः स्यात् सुखमात्मनः ।।’ अर्थात जहां गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम होता है, वहां स्नान करने से आत्मा को मोक्ष और शांति मिलती है। बुधवार को महाकुंभ 2025 के दसवें दिन यहां यूपी के समस्त मंत्रिमंडल ने इसी आध्यात्मिक अनुभूति के साथ त्रिवेणी संगम में स्नान कर पूरी दुनिया को संदेश दिया।
यह न केवल आस्था और विश्वास का प्रतीक बना, बल्कि जनमानस को आध्यात्मिक ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करने का भी अवसर बनकर सामने आया। यह आयोजन सनातन धर्म के मूल्यों को स्थापित करते हुए समाज में शांति, समृद्धि और समर्पण का संदेश देता है। इस आयोजन के माध्यम से न सिर्फ धार्मिक परंपरा के पालन का, बल्कि लोककल्याण और विश्वशांति का भी संदेश दिया गया।
…बता दे कि Yogi सरकार में यह दूसरा अवसर है, जब पूरे मंत्रिमंडल ने एक साथ कुम्भ के सुअवसर पर संगम स्नान किया है। इससे पूर्व 2019 में भी तीर्थराज प्रयागराज में आयोजित कुम्भ में उत्तर प्रदेश के CM Yogi आदित्यनाथ ने अपने पूरे मंत्रिमंडल के साथ संगम में आस्था की डुबकी लगाई थी। तब CM Yogi और समस्त मंत्रिमंडल के साथ अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि और अन्य साधु संतों ने भी संगम की धारा में पवित्र स्नान किया था।

महाकुंभ से दसवें दिन संगम में डुबकी लगाने से पहले Yogi मंत्रिमंडल की भी अहम बैठक …
इससे पूर्व, Yogi सरकार ने महाकुम्भ में कैबिनेट बैठक का भी आयोजन किया। बैठक में यूपी सरकार के सभी 54 मंत्रियों को बुलाया गया। यह बैठक अरैल के त्रिवेणी संकुल में आयोजित की गई। संगम में स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा न हो, इसके लिए अरैल में बैठक करने का फैसला लिया गया।
पहले ये बैठक मेला प्राधिकरण के सभागार में होनी थी, लेकिन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए बाद में बैठक का स्थान बदल दिया गया, क्योंकि अगर मेला प्राधिकरण के सभागार में मंत्रियों की बैठक की जाती है तो वीआईपी सुरक्षा के चलते श्रद्धालुओं को दिक्कत हो सकती थी।
महाकुंभ में हुए Yogi Cabinet की विशेेष बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब CM Yogi आदित्यनाथ ने कहा कि – ‘…पूरी कैबिनेट पहली बार महाकुंभ में मौजूद है। राज्य के विकास से जुड़ी नीतियों पर चर्चा हुई। प्रयागराज से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। उत्तर प्रदेश एयरोस्पेस और रक्षा तथा रोजगार नीति को पांच साल पूरे हो गए हैं। इसे नवीनीकृत किया जाएगा।

…अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए नए प्रोत्साहनों की घोषणा की गई है। केजीएमयू केंद्र को मेडिकल कॉलेज के रूप में स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। तीन जिलों हाथरस, कासगंज और बागपत में तीन नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। 62 आईटीआई, 5 नवाचार, आविष्कार और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
…प्रयागराज, वाराणसी और आगरा नगर निगम हैं। इन तीनों के लिए बॉन्ड जारी किए जाएंगे… पिछले एक हफ्ते में 9.25 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में पवित्र डुबकी लगाई है… प्रयागराज नगर निगम प्रयागराज सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए बॉन्ड जारी करेगा’।


















