रांची: राजधानी रांची के बाजारों में इस सीजन की लीची ने दस्तक दे दी है, लेकिन अभी यह ग्राहकों को खास तौर पर आकर्षित नहीं कर पा रही है। खुदरा बाजार में लीची 80 से 100 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रही है, जबकि थोक बाजार में बंगाल से आने वाली लीची की कीमत 800 से 1200 रुपये प्रति कार्टन है। फिलहाल लीची में न तो पर्याप्त गूदा है और न ही उसकी पारंपरिक मिठास, जिससे ग्राहक अभी दूरी बना रहे हैं।
रांची के व्यापारियों का कहना है कि अगले पांच से छह दिनों में जब लीची पूरी तरह पक जाएगी और उसकी आवक बढ़ेगी, तब इसकी गुणवत्ता में सुधार होगा और कीमतों में भी गिरावट आने की संभावना है।
बिहार की शाही लीची भी बाजार में
बिहार की पहचान मानी जाने वाली शाही लीची का आगमन भी रांची के बाजारों में धीरे-धीरे होने लगा है। हालांकि, फिलहाल इसका स्वाद भी औसत ही है और बाजार में आवक सीमित है। शाही लीची 150 से 200 रुपये प्रति सैकड़ा की दर से बिक रही है। किसानों का कहना है कि इस बार उत्पादन बेहतर हुआ है और जैसे-जैसे मौसम चढ़ेगा, शाही लीची अपने असली स्वाद में बाजार में उतरेगी।
उम्मीद है कि मई के अंतिम सप्ताह तक लीची की मिठास और मात्रा दोनों में सुधार होगा, जिससे बिक्री में भी तेजी आएगी।


















