‘बिहार को जंगलराज कहने वाले बताएं देश में क्या मंगलराज है’

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जेपी नड्डा के बयान पर श्रवण कुमार ने कसा तंज

पटना : बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के जंगलराज वाले बयान पर जदयू कोटे से मंत्री श्रवण कुमार ने तंज कसा है. उन्होंने कहा कि बिहार को जंगलराज कहने वाले ये बताएं कि देश में क्या मंगलराज है. 70 साल में महंगाई जितनी नहीं बढ़ी उतनी पिछले 8 साल में बढ़ गई.

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एयरपोर्ट और रेलवे को बेचा जा रहा

मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि हम राज्य को जंगलराज की तरफ ले जा रहे हैं, तो वह देश को मंगलराज की तरफ ले जा रहे हैं. क्या पूरे देश में मंगलराज चल रहा है. युवाओं को दो करोड़ नौकरी देने का वादा किया, लेकिन किसी को मिला. एयरपोर्ट और रेलवे को बेचा जा रहा है.

देश और संविधान अब सुरक्षित नहीं- श्रवण कुमार

जेपी नड्डा पर हमला करते हुए श्रवण कुमार ने कहा कि देश और संविधान अब सुरक्षित नहीं है. बीजेपी के कारण देश में भाईचारा और प्रेम खत्म हो रहा है. इन सब का बीजेपी को अब कोई लाभ नहीं मिलेगा. बीजेपी की नीतियों को बिहार और देश की जनता को अब हम बताएंगे. 2024 में देश में भाजपा मुक्त सरकार बनाएंगे.

बिहार में फिर से लौट आया जंगलराज- नड्डा

बता दें कि वैशाली लोकसभा क्षेत्र के पारू हाईस्कूल में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नीतीश सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने सवाल करते हुए पूछा कि बिहार में सुशासन के राज में कौन शासन कर रहा है. इस दौरान उन्होंने कहा कि बिहार में फिर से जंगलराज लौट आया है.

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जंगलराज: बिहार में दबाव की राजनीति- विजय सिन्हा

बीजेपी कार्यालय में जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान विजय सिन्हा ने लोगों की समस्या सुनी. इस दौरान उन्होंने कहा कि बिहार में दो ठग लोगों का गठबंधन है. बिहार में दबाव की राजनीति शुरू हो गई है. 2023 में बिहार में सता परिवर्तन को लेकर दबाव की राजनीति की शुरू हो गई है. बिहार की सरकार दो स्वार्थी और अहंकारी लोगों का बेमेल गठबंधन चल रहा है.

बड़े भाई छोटे भाई को पीएम का सपना दिखाया है, वही छोटे भाई भतीजे को कुर्सी नहीं दे रहे हैं. यह ठगबंधन और लठबंधन की सरकार है. 2023 तक बिहार की यह सरकार अपना कार्यकाल पूरा नहीं करेगी. विधायिका को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है. सीएम नीतीश कुमार की समाधान यात्रा में विधायक और नेताओं को नहीं बुलाना यह दर्शाता है कि अब विधायिका को पंगु बना रहे हैं.

रिपोर्ट: प्रणव राज/राजीव कमल

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