गिरीडीह: जिले के बेंगाबाद की एक बेटी, काजल कुमारी (19 वर्ष), की हत्या उसके गोड्डा स्थित ससुराल में कर दी गई है। नवविवाहिता के ससुराल वालों पर उसे जिंदा जलाने का आरोप लगा है। मृतिका के पिता के अनुसार उसके दामाद और ससुराल के अन्य लोगों ने उनकी बेटी को जिंदा आग में झोंक दिया। घटना 06 जून को हुई थी और उसके बाद 20 दिनों तक काजल ने जीवन और मौत के बीच संघर्ष किया, और 25 जून को वह अंतिम सांस ले गई। नवविवाहिता की मौत के बाद, उसका पति घर से भाग गया है। सूचना के प्राप्त होते ही मृतिका के परिजनों ने और अन्य लोगों ने गोड्डा की ओर रवाना होकर उसका अंतिम संस्कार किया। इस घटना से मृतिका के परिवार और ससुराल के स्थानीय ग्रामीणों में बहुत आक्रोश है।
इस विषय पर बेंगाबाद थाना क्षेत्र के फुरसोडीह के रहने वाले रंजीत मंडल ने बताया कि लगभग डेढ़ माह पहले, 05 मई को उन्होंने अपनी बेटी काजल कुमारी की शादी गोड्डा के सरौनी बाजार निवासी गुलाब साव के पुत्र कामता साव के साथ हिंदू रीति रिवाज से की थी। शादी के एक माह बाद, उसकी बेटी और दामाद के बीच खाना बनाने को लेकर झगड़ा हुआ। 5 जून की रात, दामाद ने उनकी बेटी के साथ मारपीट की और शरीर पर केरोसिन डालकर आग में झोंक दिया।
सूचना मिलते ही, वह 6 जून को बेटी के ससुराल गोड्डा पहुंचे, जहां उनकी बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई थी और उसे गोड्डा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बताया गया है कि गोड्डा में कुछ दिनों तक इलाज के बाद, उसे भागलपुर स्थित मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां लगभग एक सप्ताह तक उसे इलाज मिला, और फिर दो दिन पहले उसे वापस गोड्डा सदर अस्पताल लाया गया। वहां, 25 जून को उसकी मौत हो गई। मामले को लेकर मृतिका के पिता ने न्याय की मांग की है।
घटना के बाद से, मृतिका के ससुराल वालों के प्रति स्थानीय ग्रामीणों में भी आक्रोश है। नवविवाहिता की निर्मम हत्या से स्थानीय लोग भी मर्माहत और गुस्से में हैं। स्थानीय ग्रामीण भी मृतिका के लिए इंसाफ की मांग कर रहे हैं।


















