बोकारोः पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास पर सरयू राय ने वित्तीय अनियमितता का आरोप। उन्होंने रघुवर दास द्वारा की गई अपने मद से विकास कार्यों की उच्च स्तरीय जांच करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि रघुवर दास जब विधायक थे, तो सूर्य मंदिर समेत कई मंदिरों का उन्होंने सौंदर्यीकरण तथा नए भवन बनाने का काम किया है, लेकिन मैं यही जमशेदपुर के शंख मैदान के सौंदर्यीकरण के लिए अनुशंसा किया तो उन्होंने इस धार्मिक रंग देने का कोशिश शुरू किया है। विकास कार्यों में वे गतिरोध उत्पन्न कर रहे हैं,
विधायक मद की राशि जहां खर्च की वहां नहीं हुआ विकास
सरयू राय ने कहा कि मैं जब शंख मैदान मे गया तो देखा की जमीन पर शंख रखा हुआ है। इसलिए मैंने उस मैदान का सौंदर्यीकरण और शंख के लिए उपयुक्त चबूतरा बनाने का अनुशंसा किया था। ताकि उस मैदान की सौंदर्यीकरण कार्य करते हुए उसमें वोटिंग आदि की सुविधा बहाल कर उसे आकर्षक बनाया जा सके। उन्होंने कहा की पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अपने शासनकाल में जिन जगहों पर विधायक मद की राशि खर्च की है। उन जगहों पर विकास हुआ ही नहीं है और ना ही भवन का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि 2015 से घोटाले शुरू हुए हैं, खनन विभाग, मनरेगा में घोटाला रघुवर सरकार से ही शुरू हुआ है।
रघुवर दास के शासन काल में हुए कार्यों की भी जांच हो
सरयू राय ने कहा कि 2020 के पूर्व की योजनाओं में भी ईडी ने गड़बड़ी पाया है, जबकि मनरेगा योजना मे गडबड़ी मामले मे रघुवर दास ने पूजा सिंगल को क्लीनचिट दे दिया है। उन्होंने कहा कि आज इन्ही मामलों मे हेमंत सोरेन से कई बार पूछताछ की गई लेकिन जब ईडी को जानकारी है कि गड़बड़ी 2015 से शुरू है. तो रघुवर दास के शासन काल में हुए कार्यों की भी जांच हो, उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जांच करवाए कि कितने करोड़ रुपए खर्च रघुवर सरकार में हुई है। उन्होंने कहा कि कई स्थलों का वे व्यवसायिक उपयोग करते रहे हैं, उन्होंने कहा कि पूजा सिंघल आज जिस आरोप में जेल में बंद हैं। उसी आरोप में रघुवर दास ने उन्हें क्लीनचिट दे दिया।
रिपोर्टः चुमन कुमार

















