रांची: झारखण्ड गवर्नमेंट टूल रूम से प्रशिक्षण प्राप्त कर झारखण्ड के युवा न केवल देश में बल्कि पूरे विश्व में, चाहे वो फिनलैंड हो या ओमान, अपनी सेवाएं उत्कृष्ट स्थानों पर दे रहे हैं।
सुदूर इलाकों से निकल कर कई युवा अपने घरों से दूर होकर प्रशिक्षण पूरा कर प्लेसमेंट के सहयोग से आज अपनी जिंदगी बदल चुके हैं। चाहे वह खूंटी के गांव का वर्ल्ड स्किल प्रतियोगिता में मैडल प्राप्त किया हुआ डेविड जान नाग हो या फिर संथाल परगना से आई आदिम जनजाति की युवतियां जो जय भारत मारुति जैसी बड़ी कंपनी के पुणे स्थित प्लांट में काम कर रही हों।
प्लेसमेंट विभाग की पूरी कोशिश युवाओं को ऐसी कंपनियों से सम्मुख लाने की है जहाँ वे न केवल पैसे कमाएं बल्कि वह एक उत्कृष्ट भविष्य बना कर अपने परिवार एवं समाज की मदद कर सकें। डिप्लोमा टूल एंड डाई के अधिकांश युवाओं का चयन देश की उत्कृष्ट कंपनियों जैसे मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स, जिंदल स्टील एंड पॉवर, ए. एस.बी. इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड, जय भारत मारुति ग्रुप, रामकृष्णा फोर्जिंग्स लिमिटेड इत्यादि में होता रहा है।
यह झारखंड राज्य के युवाओं के साहस और प्रदर्शन का परिणाम है कि देश की उत्कृष्ट कंपनियां टूल रूम रांची के युवाओं को नौकरी देने के लिए आगे आ रही हैं।
टूल रूम के युवा सिर्फ मशीनों को सीखते ही नहीं बल्कि उन्हें बना भी सकते हैं। यहाँ के युवा एक उद्योग के माहौल में ढल जाते हैं। उनकी पाठ्यक्रम की दिनचर्या ठीक उसी प्रकार बनाई जाती है जैसी आज के युग में उद्योगों में है। भविष्य में इसका परिणाम यह होता है कि उन्हें बहुत सारी चुनौतियों से फर्क नहीं पड़ता और वे अपने कार्य को आसानी से कर पाते हैं।



















