U.P. में आधी आबादी को रेशम उद्योग से जोड़ने पर हो रहा काम, CM Yogi ने किया खुलासा

लखनऊ: U.P. में आधी आबादी को रेशम उद्योग से जोड़ने पर हो रहा काम, CM Yogi ने किया खुलासा। सिल्क एक्सपो-2024 का शुभारंभ करने के दौरान CM Yogi आदित्यनाथ ने अहम संबोधन दिया।

CM Yogi बोले – ‘कम संसाधनों के होते हुए भी दुनिया के अनेक छोटे-छोटे देश रेडीमेड गारमेंट के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बन चुके हैं। उत्तर प्रदेश में संसाधन तथा सम्भावनाएं दोनों हैं।

यदि हम आधी आबादी को रेशम उत्पादन, प्रोसेसिंग, रेडीमेड गारमेंट, मार्केटिंग, पैकेजिंग तथा डिजाइनिंग के साथ जोड़ दें, तो इन देशों का स्थान प्रदेश तथा देश ले सकता है। इन सम्भावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं’।

सिल्क क्लस्टर्स और रेशम मित्र किसान पर काम शुरू

इसी क्रम में CM Yogi आदित्नाथ ने आगे अपने संबोधन में बताया कि – ‘हमें प्रदेश में सिल्क के क्लस्टर्स विकसित होने की सम्भावना रखने वाले क्षेत्रों में प्रयासों को भी तेजी से आगे बढ़ाना होगा।

आवश्यकता पड़ने पर अनुभवी किसानों को रेशम मित्र के रूप में तैनात किया जाना चाहिए जिससे इस फील्ड की सम्भावनाओं को जमीनी धरातल पर उतारकर राज्य को स्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मक तरीके से अन्य राज्यों के समक्ष खड़ा किया जा सके। इसके लिए इन्सेंटिव आदि व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने पर अच्छे परिणाम  प्राप्त होंगे।

प्रदेश के 9 क्लाइमेटिक जोन में अलग-अलग प्रकार की कृषि को आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त होता है। यदि हम स्थानीय स्तर पर रेशम के उत्पादन, प्रोसेसिंग तथा वस्त्र उत्पादन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे, तो इसके अच्छे परिणाम सामने आएंगे। प्रदेश के अलग-अलग जनपदों के अलग-अलग उत्पाद राज्य के पोटेंशियल को देश व दुनिया के सामने प्रस्तुत करते हैं।

राज्य अपने परम्परागत उत्पादों के माध्यम से युवाओं तथा उद्यमियों को आगे बढ़ने का प्लेटफॉर्म उपलब्ध करवा रहा है। आज प्रदेश के प्रत्येक जनपद का स्वयं का एक यूनिक उत्पाद है, जिसे ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ की संज्ञा दी गई है।

‘एक जनपद एक उत्पाद’ योजना के अन्तर्गत उत्पादों को बाजार, डिजाइनिंग, पैकेजिंग के साथ जोड़ा गया। परिणामस्वरूप रोजगार के सृजन के साथ-साथ परम्परागत उत्पादों का निर्यात होना भी प्रारम्भ हुआ है। प्रदेश में 75 जीआई उत्पाद मौजूद हैं, जिन्हें देश में मान्यता प्राप्त हुई है’।

सिल्क एक्सपो-24 में सीएम योगी आदित्यनाथ
सिल्क एक्सपो-24 में सीएम योगी आदित्यनाथ

रेशम-सिल्क उत्पाद की लागत कम करने पर है जोर ताकि बढ़े सेक्टर का मुनाफा…

CM Yogi आदित्यनाथ यहीं नहीं रुके। CM Yogi ने आगे कहा कि – ‘रेशम उत्पादन के लिए ऐसी अभिनव तकनीकों तथा मेकैनिज्म को विकसित करना चाहिए, जिससे किसान अधिकतम उत्पादन कर अधिक मुनाफा कमा सकें। इसके लिए सिल्क एक्सपो में प्रयास किए जाने चाहिए तथा इसके सम्बन्ध में किसानों के सुझाव भी लिए जाने चाहिए।

यदि इस उद्योग को सस्ता कच्चा माल प्राप्त होगा तो लागत कम होने पर बाजार तथा लोगों की मांग के अनुसार उत्पाद को सहजता से उपलब्ध कराया जा सकेगा। सरकार किसानों को ट्रेनिंग, मार्केटिंग तथा डिजाइनिंग के साथ जोड़ने तथा प्रोसेसिंग व कच्चे माल की उपलब्धता के लिए सहयोग प्रदान करेगी। प्रदेश सरकार द्वारा इस दिशा में अनेक प्रयास प्रारम्भ किए गए हैं।

असल में, रेशमी वस्त्र विशुद्ध रूप से स्वदेशी तकनीक पर आधारित होते हैं। हमें इस तकनीक का समयबद्ध रूप से उन्नयन करना होगा। खादी उत्पादन के लिए परम्परागत रूप से हाथ से चलने वाले चरखे का उपयोग किया जाता था।

इसके बाद इलेक्ट्रिक चरखा आया। इससे चरखे की रफ्तार में 5 से 10 गुना की वृद्धि हुई है। लेकिन इसमें बिजली की अधिक खपत होती है। बिजली के खर्चे को कम करने के लिए अब सोलर चरखे आ गए हैं।

ऐसे ही रेशम के उत्पादों की प्रोसेसिंग को भी आगे बढ़ाया जाना चाहिए। यह यहां के सिल्क एक्सपो में देखने को प्राप्त भी हुआ है। यह विशुद्ध रूप से स्वदेशी तकनीक है तथा रोजमर्रा के कार्यों को आगे बढ़ाते हुए महिलाओं के स्वावलम्बन का माध्यम भी है’।

सिल्क एक्सपो-24 में सीएम योगी आदित्यनाथ
सिल्क एक्सपो-24 में सीएम योगी आदित्यनाथ

पीएम मोदी के विजन के अनुरूप मिशन शक्ति का हिस्सा है रेशम उद्योग, यूपी का है फोकस

CM Yogi आदित्यनाथ ने कहा कि – ‘उत्तर प्रदेश में रेशम उत्पादन के क्षेत्र में किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रहीं हैं। इन योजनाओं से किसानों को अवगत कराने के लिए संगोष्ठियों तथा सेमिनार आदि का आयोजन किया जाए।

प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप महिला सशक्तिकरण के लिए मिशन शक्ति के अन्तर्गत अनेक कार्यक्रम आगे बढ़ रहे हैं। रेशम एवं वस्त्र उद्योग महिलाओं के सशक्तिकरण का माध्यम बन रहा है’।

इस अवसर पर प्रदेश में रेशम विकास पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग मंत्री राकेश सचान, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया।

इस अवसर पर कृषि उत्पादन आयुक्त मोनिका एस. गर्ग, अपर मुख्य सचिव उद्यान व रेशम उत्पादन बाबूलाल मीणा, सदस्य सचिव केंद्रीय रेशम बोर्ड पी. शिवकुमार, विशेष सचिव एपीसी शाखा सुनील कुमार वर्मा आदि के अलावा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

Samastipur Mahthi Bandh Firing: समस्तीपुर में बाइक सवार अपराधियों का तांडव,...

Samastipur Mahthi Bandh Firing: विभूतिपुर थाना क्षेत्र के महथी बांध पर बुधवार देर शाम बाइक सवार अपराधियों ने एक युवक पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर...

Bihar Flood Alert Gandak Barrage: नेपाल की बाढ़ का पानी गंडक...

Bihar Flood Alert Gandak Barrage: नेपाल में आई बाढ़ का पानी बुधवार रात करीब 8:30 बजे गंडक बैराज, वाल्मीकिनगर पहुंच गया। जल संसाधन विभाग...

Lohardaga Mithai Milawat Raid: रक्षाबंधन से पहले मिठाई दुकानों पर छापा,...

Lohardaga Mithai Milawat Raid: रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए मिठाइयों और खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग के बीच लोहरदगा में खाद्य सुरक्षा विभाग...