रांची: सिरमटोली से मेकॉन तक बनने वाला एलिवेटेड कॉरिडोर रांची वासियों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आ रहा है। इस कॉरिडोर के निर्माण का काम अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है, और इसके पूरा होने के बाद शहरवासियों को न केवल ट्रैफिक की समस्या से छुटकारा मिलेगा, बल्कि यात्रा में भी समय की बचत होगी।इस कॉरिडोर के निर्माण के अंतर्गत रेलवे लाइन के ऊपर एक केबल स्टे ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है, जिसका जुड़ाव अब अंतिम चरण में है। इस ब्रिज के निर्माण के लिए अब केवल एक सेगमेंट जोड़ना बाकी रह गया है। जैसे ही यह सेग्मेंट जोड़ दिया जाएगा, केबल स्टे ब्रिज पूरी तरह से तैयार हो जाएगा और सिरमटोली से मेकॉन ब्रिज पूरी तरह से जुड़ जाएगा। इस ब्रिज के जुड़ने के बाद इस फ्लाईओवर का पूरा स्ट्रक्चर तैयार हो जाएगा, जो शहर के यातायात के दबाव को काफी हद तक कम करेगा।
साथ ही, फ्लाईओवर के दोनों किनारे पर सर्विस रोड का निर्माण भी अंतिम चरण में है। मेकॉन के पास डाकघर के पास जमीन की बाधा को दूर कर रैंप का निर्माण तेजी से किया जा रहा है, जिससे यातायात में किसी प्रकार की रुकावट न हो। डोरंडा के अंबेडकर चौक की ओर भी रैंप का निर्माण युद्धस्तर पर चल रहा है, ताकि यातायात सुचारू रूप से चल सके और किसी प्रकार की परेशानी न हो।
इस एलिवेटेड कॉरिडोर के खुलने के बाद सिरमटोली से डोरंडा तक यात्रा करने वाले लोग हर रोज़ कम से कम 30 मिनट का समय बचा सकेंगे। इस समय बचत से न केवल यात्रा सुगम होगी, बल्कि यातायात का दबाव भी कम होगा, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस महत्वपूर्ण परियोजना के निर्माण कार्य को फरवरी 2025 तक पूरा करने का निर्देश दिया है। उनका लक्ष्य है कि मार्च के पहले या दूसरे सप्ताह में इस फ्लाईओवर का उद्घाटन कर दिया जाए और रांचीवासियों को इसका लाभ मिल सके।
इस एलिवेटेड कॉरिडोर के शुरू होने से शहरवासियों को न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि यह रांची के यातायात को भी एक नई दिशा देगा।


















