प्रयागराज : महाकुंभ 2025 के मेला क्षेत्र में दो सेक्टरों में पानी किल्लत से कल्पवासी परेशान। महाकुंभ 2025 में तमाम सरकारी तैयारियों एवं प्रबंध के बावजूद दो सेक्टरों में संगम की रेती पर कल्पवास करने वाले प्रवासी श्रद्धालु पेयजल की किल्लत से परेशानी। परेशानी हद से ज्यादा बढ़ने पर उन्होंने अपनी परेशानी पर प्रशासन एवं मेला प्रबंधन का ध्यान आकृष्ट करने को प्रदर्शन भी किया।
मेला व्यवस्थापना तंत्र इन दो सेक्टरों में कल्पवासियों को पेयजल मुहैया कराने के काम में जुट गया है और नाराजगी जाहिर कर प्रदर्शनकारी श्रद्धालुओं को शांत कराने का प्रयास किया।
यह पूरा प्रकरण मेला क्षेत्र में महाकुंभ के सेक्टर 6 और 7 का है। इन सेक्टरों में कल्पवासियों ने खराब इंतजाम का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें लगातार पानी की परेशानी हो रही है। इन लोगों परेशानी हद से पार होने पर पानी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
‘पानी दो- पानी दो’ के नारे लगाकर कल्पवासियों ने किया प्रदर्शन
मेला प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले महाकुंभ के सेक्टर 6 और 7 में कल्पवासियों ने बताया कि उन्हें 15 दिन हो गए हैं लेकिन अब तक उन्हें शुद्ध पीने का पानी मुहैया नहीं कराया गया। साथ इन दोनों सेक्टरों में प्रवास कर रहे कल्पवासियों को 2 किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है। पानी लाने की जद्दोजहद में कुछ लोग चोटिल भी हो गए हैं।
इस सबके बावजूद सरकारी अमले के सुध न लेने पर कल्पवासियों में नाराजगी बढ़ गई। नाराजगी जाहिर करते हुए कल्पवासियों ने खराब इंतजाम का आरोप लगाया। कहा कि उन्हें लगातार पानी की परेशानी हो रही है और तमाम दावों के बाद भी इन दो सेक्टरों में कल्पवास करने वालों के लिए ेकिसी भी चीज की व्यवस्था नहीं है।
आखिरकार बीते शुक्रवार की शाम श्रद्धालुओं का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। श्रद्धालुओं ने इकट्ठा होकर ‘पानी दो- पानी दो’ के नारे लगाए और प्रशासन के खिलाफ रोष प्रकट किया।

महाकुंभ 2025 में स्नान लिए पधारने से कुछ तैयारियों का रखें ध्यान, एडवाइजरी जारी…
महाकुंभ 2025 में परेशानियों से रूबरू न होना पड़े इसलिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। मौसम सर्द है, कोहरा पड़ रहा है। महाकुंभ में आते समय गर्म कपड़े पहनकर आएं, सिर और कान को ढकने के लिए कैप जरूर लगाएं। ऐसा नहीं करने पर आप ठंड की चपेट में आ सकते हैं और बीमार पड़ सकते हैं। अगर आपको कोई गंभीर बीमारी है तो आप फरवरी के दूसरे सप्ताह से पहले का प्लान न बनाएं।

महाकुंभ में आने से पहले अपने साथ आए बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। एक पर्ची, जिस पर अपना नाम, पता और मोबाइल नंबर जरूर लिखकर उनके पास रख दें। बिछड़ने की स्थिति में आपसे संपर्क किया जा सकता है। बुजुर्गों को अगर चलने में दिक्कत है तो अपने साथ फोल्डिंग व्हीलचेयर लेकर आएं।
अगर आप महाकुंभ क्षेत्र में किसी संस्था के शिविर में जाने का प्लान बनाकर आ रहे हैं तो वह संस्था किस सेक्टर, किस मार्ग और किस पांटून पुल के आसपास है, इसकी पूरी जानकारी पहले से पता कर लें। साथ ही संस्था के किसी व्यक्ति का नंबर जरूर रखें, जो आपको गाइड कर सके।
इसी क्रम में एक खास यह कि महाकुंभ में अमृत स्नान के लिए एक साथ लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। ऐसे में सामान रखने की जगह मिलना मुश्किल हो जाता है। अपने साथ सामान रखने की व्यवस्था करके आएं, जिससे आपको दिक्कत न हो।

भीड़भाड़ से बचना है तो प्रमुख स्नान पर्व और वीकेंड पर न पधारें महाकुंभ…
महाकुंभ 2025 में लगातार उमड़ रहे श्रद्धालुओं की भीड़ के क्रम में कई बार देखने को मिल रहा कि भीड़ में कुछ लोगों को अचानक घबराहट होने लग रही है, एलर्जी होने लगती और मेला क्षेत्र में मौजूद टीमों को उनकी चिकित्सकीय मदद के बाद भी अपेक्षित आराम नहीं मिल पा रहा। ऐसे में इन परेशानियों से रूबरू न होना पड़े इसलिए सबसे जरूरी यह कि महाकुंभ में मुख्य स्नान पर्वों के आसपास आने से बचें।
महाकुंभ 2025 मेला क्षेत्र में भीड़भाड़ से बचने के लिए 27,28,29,30 और 31 जनवरी के अलावा 2,3,4,11,12,13,25,26 और 27 फरवरी को पहुंचने से बचना चाहिए। बता दें कि महाकुंभ का सबसे बड़ा स्नान पर्व 29 जनवरी को मौनी अमावस्या पर होगा। इससे 2 दिन पहले से लेकर 2 दिन बाद तक, कुल 5 दिन के लिए महाकुंभ मेला क्षेत्र समेत पूरे प्रयागराज को नो-व्हीकर जोन घोषित किया गया है।
यानी, 27 से 31 जनवरी तक वाहन नहीं चलेंगे। इसी तरह 3 फरवरी को होने वाले बसंत पंचमी के स्नान पर एक दिन पहले से लेकर एक दिन बाद तक, यानि 3 दिन वाहनों पर प्रतिबंध रहेगा। इसी तरह 12 और 26 फरवरी को पड़ने वाले स्नान पर्वों पर भी तीन दिन यातायात प्रतिबंध रहेगा। ऐसे में संभव हो तो, वीकेंड यानि शनिवार और रविवार को भी आने से बचें क्योंकि इन दिनों में भी भीड़ अधिक रहती है।


















