रांची: झारखंड में एक अप्रैल से नई उत्पाद नीति लागू होने तक राज्य की खुदरा शराब दुकानों का संचालन झारखंड राज्य बिवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (जेएसबीसीएल) की देखरेख में किया जाएगा। इसके लिए उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है।
जेएसबीसीएल ने विभाग को जानकारी दी है कि वर्तमान उत्पाद नीति 31 मार्च को समाप्त हो रही है। इसी के मद्देनजर नई नीति लागू होने तक खुदरा शराब की बिक्री जेएसबीसीएल की निगरानी में होगी। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए शराब से 2700 करोड़ रुपये के राजस्व लक्ष्य का निर्धारण किया गया था, जिसमें से अब तक 2600 करोड़ रुपये की प्राप्ति हो चुकी है।
विभागीय मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने बताया कि नई उत्पाद नीति का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। नीति पर प्राप्त 250 से अधिक सुझावों एवं आपत्तियों की समीक्षा के बाद इसे अंतिम रूप दिया गया है। जल्द ही इसे वित्त विभाग, विधि विभाग और राजस्व पर्षद की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद, यह नीति एक मई से प्रभावी होगी।
झारखंड शराब व्यापारी संघ के प्रदेश महासचिव सुबोध कुमार जायसवाल ने मांग की है कि जब ड्राफ्ट फाइनल हो चुका है, तो इसे एक अप्रैल से ही लागू किया जाए और व्यापारियों के सुझावों को भी नीति में शामिल किया जाए।
विभागीय मंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की है। अनुमानों के अनुसार, एक मई से नई नीति के तहत शराब की बिक्री शुरू हो जाएगी। तब तक, राज्यभर में खुदरा शराब बिक्री का संचालन जेएसबीसीएल की देखरेख में जारी रहेगा।


















