झारखंड में नयी उत्पाद नीति लागू होने तक खुदरा शराब की बिक्री जेएसबीसीएल के माध्यम से

रांची: राज्य में नई उत्पाद नीति के तहत खुदरा शराब की बिक्री एक अप्रैल से शुरू होने की संभावना है, लेकिन प्रक्रिया पूरी होने में समय लगने के कारण यह नीति मई से लागू हो सकती है। उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ने इस दिशा में तेजी से काम करना शुरू कर दिया है, और नयी नीति के ड्राफ्ट पर लोगों से 16 फरवरी तक आपत्तियां और सुझाव मांगे थे। इन सुझावों और आपत्तियों पर विचार कर रिपोर्ट तैयार की गई, जिसे उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने सहमति दी है।

खुदरा शराब की बिक्री जेएसबीसीएल के माध्यम से : 

नयी नीति के तहत खुदरा शराब की बिक्री के लिए थोक शराब झारखंड स्टेट बिवरेजेज कॉरपोरेशन (जेएसबीसीएल) द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। यदि नीति 31 मार्च तक लागू नहीं हो पाती है, तो जेएसबीसीएल के माध्यम से ही खुदरा शराब की बिक्री की जाएगी। वर्तमान में, राज्य के विभिन्न जिलों में शराब बिक्री की जिम्मेदारी प्लेसमेंट एजेंसियों के पास है, लेकिन कई जिलों में इन एजेंसियों द्वारा शराब बिक्री से संबंधित राशि जमा नहीं की गई है, जिससे समस्या उत्पन्न हुई है।

नयी उत्पाद नीति के तहत खुदरा शराब दुकानों की बंदोबस्ती की जाएगी, और मॉडल शराब दुकानों का प्रावधान भी किया गया है, जिसमें दुकान परिसर में शराब पीने की अनुमति भी दी जाएगी। राज्य के शराब व्यापारी लंबे समय से लाइसेंस के आधार पर दुकान आवंटन की मांग कर रहे थे, जिसे नयी नीति में शामिल किया गया है।

इस समय, राज्य के नागरिकों को इस नई नीति के लागू होने का इंतजार है, और उम्मीद जताई जा रही है कि एक मई से यह नीति प्रभावी हो सकती है।

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