नई दिल्ली: NTA द्वारा आयोजित जेईई मेन 2025 के दोनों सेशन अब समाप्त हो चुके हैं। इस बार 3 अप्रैल की दूसरी शिफ्ट का पेपर सबसे कठिन माना जा रहा है। छात्रों और कोचिंग संस्थानों के अनुसार, इस शिफ्ट में खासकर फिजिक्स का पेपर चुनौतीपूर्ण रहा। वहीं मैथ्स का स्तर जनवरी सेशन की तरह ही मध्यम से कठिन के बीच रहा, जिसमें लंबे और समय लेने वाले सवाल पूछे गए थे।
फिजिक्स के प्रश्न पूरी तरह से कॉन्सेप्ट आधारित थे, जिन्हें हल करने में छात्रों को अधिक समय लग रहा था। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि अगर छात्रों ने थोड़ी सावधानी और समय प्रबंधन से काम लिया होता, तो अच्छे अंक हासिल किए जा सकते थे। दूसरी ओर, कैमिस्ट्री का पेपर अपेक्षाकृत आसान और स्कोरिंग रहा, जिससे छात्रों को थोड़ी राहत मिली।
कौन-कौन से टॉपिक्स से आए सवाल?
एक्सपर्ट देव शर्मा ने पेपर विश्लेषण करते हुए बताया कि:
मैथ्स में मैट्रिक्स, कोनिक सेक्शन, इंटीग्रेशन और वेक्टर जैसे टॉपिक्स से सवाल पूछे गए।
केमिस्ट्री में केमिकल बॉन्डिंग, बायोमॉलिक्यूल्स, और थर्मोडायनामिक्स जैसे टॉपिक्स हावी रहे।
फिजिक्स में मैकेनिकल, इलेक्ट्रोडायनेमिक्स, मॉडर्न फिजिक्स और सेमीकंडक्टर से जुड़े सवाल प्रमुख थे।
अब छात्रों को है आंसर-की और रिजल्ट का इंतजार
अब सभी छात्र जेईई मेन की आंसर-की का इंतजार कर रहे हैं। जैसे ही आंसर-की जारी होगी, छात्र उस पर आपत्ति दर्ज कर सकते हैं। इसके बाद अंतिम उत्तर कुंजी के आधार पर परिणाम 17 अप्रैल को घोषित किए जाएंगे।
100 पर्सेंटाइल वालों की संख्या हो सकती है कम
पिछले साल जेईई मेन के दोनों सेशन्स को मिलाकर 56 छात्रों ने 100 पर्सेंटाइल हासिल किया था। लेकिन इस साल के पहले सेशन में सिर्फ 13 छात्रों को ही 100 पर्सेंटाइल मिला है। ऐसे में यह संभावना जताई जा रही है कि इस बार 100 पर्सेंटाइल हासिल करने वाले छात्रों की संख्या कम रह सकती है।
जेईई एडवांस्ड में कैसे होती है क्वालिफिकेशन?
गौरतलब है कि जेईई मेन से जेईई एडवांस्ड के लिए क्वालिफाई करने हेतु विषयवार कट-ऑफ नहीं होती। यदि कोई छात्र दो विषयों में उच्च स्कोर करके ओवरऑल कट-ऑफ पर्सेंटाइल हासिल कर लेता है, तो वह एडवांस्ड के लिए पात्र होगा। हालांकि, जेईई एडवांस्ड में विषयवार और ओवरऑल कट-ऑफ दोनों का पालन करना अनिवार्य होता है।



















