गया: ऐसे तो Doctor को धरती का भगवान कहा जाता है लेकिन इन दिनों अक्सर ऐसी घटनाएं सामने आती है जो डॉक्टर के चरित्र को हैवान के रूप में वर्णन करती हैं। ऐसा ही एक मामला गया से सामने आया है जहां एक मरीज के परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही और मरीज की मौत के बाद भी उसका इलाज करने का आरोप लगा रहे हैं। मामले में गया के रामपुर थाना क्षेत्र के हनुमान नगर के रहने वाले अरुण यादव के परिजनों ने बताया कि अचानक अरुण यादव को हार्ट अटैक आया। Doctor Doctor Doctor Doctor Doctor Doctor
हार्ट अटैक के बाद उनकी बेटी ने उन्हें स्कूटी पर बैठा कर आनन फानन में गया के एपी कॉलोनी में स्थित एक निजी क्लिनिक पहुँचाया जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया। परिजनों ने बताया कि अस्पताल में इलाज के नाम पर 3 लाख रूपये ले लिए गये लेकिन डॉक्टर लगातार इलाज में लापरवाही कर रहे थे। रात में अस्पताल के सारे डॉक्टर गायब हो गये जबकि मरीजों की स्थिति कम्पाउण्डर के भरोसे छोड़ दिया गया। परिजनों को अपने मरीज को देखने की भी अनुमति नही दी जा रही थी।

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इधर डॉक्टर इलाज के नाम पर लगातार दवाइयां खरीदने के लिए लिए लिख कर दे रहे थे और मरीज का इलाज करने का दावा कर रहे थे। मृतक के परिजनों ने बताया कि जबरन वे लोग जब मरीज के पास पहुंचे तो पता चला कि मरीज की मौत पहले ही हो चुकी थी बावजूद इसके डॉक्टर लगातार दवाइयां लिख कर लाने के लिए कहते रहे। अस्पताल में मरीज की मौत की जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा करना शुरू कर दिया। परिजनों ने बताया कि जब हमलोगों ने डॉक्टर से पटना रेफर करने के लिए कहा तो उन्होंने कहा कि मरीज अब ठीक हैं।
हंगामा कर रहे मृतक के परिजनों ने कहा कि डॉक्टर की लापरवाही की वजह से उनके मरीज की जान चली गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद रामनगर थाना की पुलिस मौके पर पहुंच कर हंगामा कर रहे लोगों को शांत करवाया। बाद में मृतक के परिजनों ने रामनगर थाना में अस्पताल संचालक और डॉक्टरों पर कई गंभीर आरोप लगा कर मामला दर्ज कराया है। फ़िलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाया और शव परिजनों को सौंप कर आगे की कार्रवाई में जुट गई।
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गया से आशीष कुमार की रिपोर्ट



















