रांची : JPSC की सिविल सेवा परीक्षा 2024 के इंटरव्यू राउंड से निकलने वाले उम्मीदवारों के अनुभव सामने आने लगे हैं। ऐसे ही एक उम्मीदवार संतोष कुमार, जो वर्तमान में झारखंड पुलिस में सब-इंस्पेक्टर हैं, ने अपने इंटरव्यू के अनुभव साझा किए।
उन्होंने बताया कि यह उनका दूसरा प्रयास और दूसरा इंटरव्यू था। इस बार इंटरव्यू झारखंड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के बोर्ड में हुआ, जिसमें कुल तीन सदस्य शामिल थे। करीब 10 मिनट चले इंटरव्यू में अधिकतर सवाल पुलिसिंग, खुफिया कार्यप्रणाली और फील्ड अनुभव से संबंधित पूछे गए।
इंटरव्यू में पूछे गए प्रमुख प्रश्न:
ऑपरेशन सिंदूर से संबंधित स्थान, उपकरण और मोदी सरकार द्वारा भेजे गए डेलीगेट्स
विशेष शाखा में कार्य करते हुए इंटेलिजेंस कलेक्शन की प्रक्रिया
झारखंड की विधि-व्यवस्था और नक्सलवाद की वर्तमान स्थिति
उनके कार्यक्षेत्र धनबाद की प्रमुख समस्याएं
संतोष ने बताया कि पुलिस सेवा में रहते हुए जब वे फील्ड में गरीब और वंचित तबके की समस्याओं को देखते थे, तो उन्हें लगा कि प्रशासनिक सेवा में रहकर वे ज्यादा बेहतर बदलाव ला सकते हैं। इसीलिए उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की।
उन्होंने कहा, “पहली प्राथमिकता गरीब और वंचित तबके को त्वरित न्याय दिलाना है। नए बीएनएस-बीएएसएस कानूनों के तहत जनता को ज्यादा सुलभ न्याय दिलाने का प्रयास करूंगा।”
तैयारी को लेकर सुझाव देते हुए उन्होंने कहा:
– समय की कमी को ध्यान में रखते हुए NCERT की किताबें, रांची के कोचिंग संस्थानों के नोट्स और शांत समय में अध्ययन से उन्हें सफलता मिली।
– प्रेरणा स्रोत के रूप में उन्होंने पूर्व सांसद डॉ. अजय रॉय और धनबाद में पदस्थ सीनियर अधिकारी प्रवीण सर का नाम लिया।
सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने इस बार अपने परिवार को इंटरव्यू की तैयारी के बारे में पहले से नहीं बताया था क्योंकि पिछली बार केवल 12 अंकों से चूकने का अनुभव उन्हें कहीं न कहीं संकोच में डालता था।
अंत में उन्होंने कहा, “इस बार उम्मीद है कि अनुभव और मेहनत रंग लाएगी। जो भी परिणाम होगा, उसे स्वीकार करेंगे।”


















